NEET परीक्षा पर केंद्र का बड़ा दावा, सुप्रीम कोर्ट में कहा- सिस्टम फुलप्रूफ

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा दावा किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रश्नपत्र में सेंध लगाना बेहद मुश्किल है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के सामने प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी सुरक्षा प्रक्रिया का विवरण रखा।

केंद्र ने बताया कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया बेहद गोपनीय रखी जाती है। मॉडरेटरों का समूह 100-100 प्रश्नों के आधार पर चार अलग-अलग सेट तैयार करता है। मॉडरेटरों को भी यह जानकारी नहीं होती कि परीक्षा में इनमें से कौन सा सेट इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद NTA महानिदेशक परीक्षा के लिए दो सेट का चयन करते हैं।

CISF और CCTV की निगरानी में छपाई

प्रश्नपत्रों की छपाई दो अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेस में CISF की सुरक्षा और CCTV निगरानी के बीच होती है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है और बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। सरकार के अनुसार, प्रिंटर को भी यह जानकारी नहीं दी जाती कि वह किस परीक्षा का प्रश्नपत्र छाप रहा है।

प्रिंटिंग के बाद प्रश्नपत्रों को डिजिटल लॉक वाले बॉक्स में रखा जाता है। बॉक्स का कोड संबंधित अधिकारी को भी पहले से पता नहीं होता। निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही कोड प्राप्त होने के बाद बॉक्स खोला जाता है।

GPS वाली गाड़ियों से स्ट्रांग रूम तक पहुंचता है पेपर

प्रश्नपत्रों को विशेष रूप से सील किए गए लिफाफों और लोहे के बक्सों में रखा जाता है। इन बक्सों को GPS से लैस वाहनों के जरिए ले जाया जाता है, जिसकी निगरानी NTA मुख्यालय से की जाती है। इसके बाद प्रश्नपत्रों को दो अलग-अलग बैंकों के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाता है। वहां सुरक्षा व्यवस्था और वीडियोग्राफी के बीच NTA प्रतिनिधि, बैंक मैनेजर तथा सिटी कोऑर्डिनेटर की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की जाती है।

परीक्षा के दिन छात्रों के सामने खोला जाता है बॉक्स

परीक्षा के दिन NTA महानिदेशक सिटी कोऑर्डिनेटर को निर्देश देते हैं कि दोनों में से किस बैंक के प्रश्नपत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद पुलिस सुरक्षा और वीडियोग्राफी के बीच प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए जाते हैं।

परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले दो छात्रों की मौजूदगी में लोहे के बॉक्स का ताला काटा जाता है। इसके बाद क्लास कोऑर्डिनेटर प्रश्नपत्र के पैकेट छात्रों को वितरित करते हैं और पैकेट छात्रों के सामने ही खोले जाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने NTA को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित समितियों की सिफारिशों को लागू करने के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। अदालत की सुनवाई के बीच केंद्र का यह दावा NEET UG की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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