नई दिल्ली। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों और बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों से लेकर रेलवे, बैंकिंग, जीएसटी और आयकर नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता
तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 200 रुपये से अधिक की कटौती की है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
तत्काल टिकट बुकिंग के नियम बदले
भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब आरक्षण केंद्रों पर बुकिंग शुरू होने के समय ही टोकन जारी किए जाएंगे और उसी क्रम में यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भीड़ कम होगी।
बैंकिंग सेवाओं के शुल्क में बदलाव
एक अगस्त से कुछ बैंकों ने अपने सेवा शुल्क में संशोधन किया है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एसएमएस अलर्ट शुल्क में बदलाव किया है। अन्य बैंक भी अपनी आंतरिक नीतियों के अनुसार शुल्क और सेवाओं में बदलाव कर सकते हैं।
कई सामान हो सकते हैं महंगे
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती उत्पादन लागत और वैश्विक परिस्थितियों के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, कपड़े, ऑटोमोबाइल और रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों में चार से छह प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।
लेट फीस के साथ भरना होगा आईटीआर
जिन करदाताओं ने निर्धारित समय सीमा तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है, उन्हें अब विलंब शुल्क के साथ बेलाटेड आईटीआर दाखिल करना होगा।
क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव
कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। इनमें रिवॉर्ड प्वाइंट्स, वार्षिक शुल्क और ट्रांजैक्शन फीस से जुड़े नए प्रावधान शामिल हैं। ग्राहकों को अपने बैंक की नई गाइडलाइन जरूर पढ़नी चाहिए।
CKYC 2.0 से आसान होगी प्रक्रिया
देश में CKYC 2.0 लागू होने के बाद बैंक, बीमा और म्यूचुअल फंड संस्थानों में केवाईसी प्रक्रिया अधिक डिजिटल और सरल हो जाएगी। इससे ग्राहकों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
जीएसटी नियमों में भी बदलाव
जीएसटी प्रणाली में भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब Bill To–Ship To लेन-देन में Ship-To GSTIN दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही जीएसटीआईएन और अन्य जानकारियों का डिजिटल सत्यापन पहले से अधिक सख्ती से किया जाएगा।
इन सभी बदलावों का असर आम लोगों के दैनिक जीवन और खर्चों पर देखने को मिलेगा। ऐसे में नए नियमों की जानकारी रखना हर नागरिक के लिए जरूरी है।