दुर्ग : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हाल ही में रजिस्ट्री शुल्क के नियमों में किए गए बदलावों के खिलाफ दुर्ग में समाजसेवी और बिल्डरों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। आंदोलन के चौथे दिन, प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए पहले भीख मांगी, फिर एक रैली निकाली और बाद में प्रदेश के वित्त मंत्री का पुतला फूंका।
इस मामले पर चौतरफा आक्रोश दिखाई दे रहा है, जिसमें अब विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ लोग भी बढ़ी हुई रजिस्ट्री शुल्क के खिलाफ आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

पुलिस से झड़प और बिल्डर अस्पताल में भर्ती
वित्त मंत्री के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में हुई धक्का-मुक्की में शहर के जाने-माने बिल्डर मनोज राजपूत अचेत हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ दो घंटे तक चिकित्सकों की निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखने के बाद छुट्टी दे दी गई।

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बिल्डर मनोज राजपूत ने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “प्रदेश सरकार जनहित के आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है, जो पूरी तरह निंदनीय है।”

बहरहाल, छत्तीसगढ़ सरकार के रजिस्ट्री शुल्क नियमों में बदलाव किए जाने से आम जनता, बिल्डरों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि क्या प्रदेश सरकार इस मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए अपने फैसले पर अडिग रहती है या जनहित में बढ़ते दबाव के चलते इन नियमों को वापस लेती है।