महादेव बेटिंग ऐप का मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, भारत लाने की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली : महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटर और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चंद्राकर पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में अवैध रूप से प्रवेश करने का आरोप है। इस बड़ी कामयाबी के बाद भारत सरकार ने उसे वापस देश लाने के लिए औपचारिक प्रत्यर्पण (Extradition) प्रक्रिया तेज कर दी है। फिलहाल उसे ओमान की राजधानी मस्कट स्थित अल खौद हाई सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। [2, 3, 4]

 रेड नोटिस के आधार पर हुई कार्रवाई

आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा जारी किए गए रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने यह कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ के भिलाई का मूल निवासी सौरभ चंद्राकर पिछले कई वर्षों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपकर रह रहा था और वर्ष 2019 से ही भारतीय कानून और जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर चल रहा था। [2, 4]

 ₹5,000 करोड़ से अधिक का घोटाला

सौरभ चंद्राकर को महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जाता है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस सिंडिकेट के जरिए देश-विदेश में लगभग 5,000 करोड़ रुपये के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के काले साम्राज्य को चलाया जा रहा था। [2]

 इंटरपोल ने खारिज की थी याचिका

हाल ही में चंद्राकर को उस वक्त बड़ा झटका लगा था जब इंटरपोल की ‘कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ इंटरपोल्स फाइल्स’ (CCF) ने उसके खिलाफ जारी रेड नोटिस को हटाने की याचिका खारिज कर दी थी। चंद्राकर ने दावा किया था कि भारत में उसके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। हालांकि, सीसीएफ ने उसके दावों को नकारते हुए माना कि यह पूरी तरह वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर मामला है, इसलिए रेड नोटिस जारी रखना बिल्कुल उचित है।

 अब तक की बड़ी कार्रवाइयां

वर्तमान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस पूरे घोटाले की सघन जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार: [5]

  •  देश भर में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है।
  •  इस मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
  •  रायपुर की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में 5 चार्जशीट (अभियोजन शिकायतें) दाखिल की जा चुकी हैं।
  •  जांच एजेंसियों ने अब तक लगभग 4,336 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त, फ्रीज या अटैच की हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां ओमान सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि कानूनी कागजी कार्रवाई को जल्द पूरा कर सौरभ चंद्राकर को भारत डिपोर्ट या प्रत्यर्पित कराया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *