नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों से एटीएम में नकदी नहीं मिलने की बढ़ती शिकायतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय बैंक ने विभिन्न बैंकों से एटीएम में नकदी उपलब्धता, कैश सप्लाई और रिफिलिंग व्यवस्था से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, ताकि समस्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
हाल के दिनों में कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि एटीएम तक पहुंचने के बावजूद उन्हें नकदी नहीं मिल रही है। विशेष रूप से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या अधिक देखने को मिली है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद RBI ने बैंकों से विस्तृत जानकारी तलब करते हुए स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, RBI यह जांच कर रहा है कि कहीं एटीएम में समय पर कैश रिफिल नहीं किया जा रहा है या फिर कुछ क्षेत्रों में आवश्यकता के मुकाबले कम नकदी भेजी जा रही है। इसके लिए बैंकों से टियर-2 और उससे छोटे शहरों में संचालित एटीएम की नकदी उपलब्धता और संचालन का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केवल कुल नकदी उपलब्धता के आधार पर स्थिति का आकलन करना उचित नहीं होगा। कई बार बैंक शाखाओं में मौजूद नकदी का एक हिस्सा कटे-फटे या क्षतिग्रस्त नोटों का होता है, जिन्हें एटीएम में नहीं डाला जा सकता। ऐसे में पर्याप्त नकदी होने के बावजूद कुछ एटीएम खाली रह जाते हैं।
जानकारी के अनुसार, नकदी की कमी का असर सबसे अधिक ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में देखने को मिला है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों से एटीएम में कैश नहीं मिलने की शिकायतें अपेक्षाकृत ज्यादा सामने आई हैं। अब RBI की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या एटीएम संचालन व्यवस्था से जुड़ी है या फिर नकदी प्रबंधन में किसी प्रकार की कमी है।