दुर्ग; दुर्ग पुलिस ने बंधन बैंक की नेहरू नगर शाखा में खोले गए 27 बैंक खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धन के अवैध लेनदेन (म्यूल अकाउंट) में किए जाने का भंडाफोड़ किया है। इन खातों के माध्यम से कुल 1 करोड़ 20 लाख 57 हजार 549 रुपये का अवैध रूप से लेनदेन पाया गया है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित “समन्वय” पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर, यह खुलासा हुआ कि इन खातों का इस्तेमाल मुख्य रूप से साइबर ठगी से मिली रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1322/2025 के तहत संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि खाताधारकों ने जानबूझकर अपने खातों का उपयोग साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम की हेराफेरी में किया था। कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- रणजीत महानंद (उम्र 24 वर्ष, निवासी रावणभांठा सुपेला, दुर्ग)
- परमीला बाई जंघेल (उम्र 48 वर्ष, निवासी शिवाजी नगर खुर्सीपार, दुर्ग)
- के० आकाश राव (उम्र 20 वर्ष, निवासी सेक्टर 02 भिलाई भट्ठी, दुर्ग)
- विपिन कुमार सिरसाम (उम्र 35 वर्ष, निवासी रिसाली सेक्टर 31, नेवई, दुर्ग)
- मानवी बेरी (उम्र 49 वर्ष, निवासी सेक्टर 04 भिलाई भट्ठी, दुर्ग)
- आशीष गुप्ता (उम्र 42 वर्ष, निवासी दीनदयाल कॉलोनी खम्हरिया, सुपेला, दुर्ग)
- पिंकी कुर्रे (उम्र 36 वर्ष, निवासी LIG 883/884 आदित्य नगर, मोहन नगर, दुर्ग)
पुलिस अन्य खाताधारकों की तलाश कर रही है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए न दें, और न ही थोड़े से पैसों के लालच में साइबर फ्रॉड से संबंधित रकम का लेनदेन अपने खाते में करें। ऐसा करना कानूनी अपराध है।