अंबिकापुर। अगर आप रोज़ाना चाय या कॉफी कागज़ के कप में पीते हैं, तो सावधान हो जाइए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये कप धीरे-धीरे आपकी सेहत के लिए ज़हर साबित हो सकते हैं। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि हाल के शोधों में यह सामने आया है कि कागज़ के बने डिस्पोज़ेबल कपों की भीतरी सतह पर एक पतली प्लास्टिक की परत (पॉलीथिन कोटिंग) होती है, जो गर्म तरल पदार्थ के संपर्क में आने पर पिघल जाती है। इससे निकलने वाले हानिकारक रसायन शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जो लंबे समय में कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि “कागज़ के कप देखने में सुविधाजनक लगते हैं, लेकिन इनमें बार-बार गर्म पेय का सेवन करना शरीर के लिए बेहद हानिकारक है।” उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे स्टील, कांच या चीनी मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करें और प्लास्टिक कोटेड कपों से पूरी तरह बचें। उन्होंने यह भी कहा कि छोटी-सी आदत में बदलाव करके न सिर्फ आप अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी प्लास्टिक प्रदूषण से बचाने में योगदान दे सकते हैं।
याद रखें — सुविधा से बढ़कर जरूरी है सुरक्षा!
आज ही बदलें अपनी आदत, ताकि कल सुरक्षित हो।