नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में अपना घर खरीदने का सपना लगातार महंगा होता जा रहा है। आवासीय संपत्तियों की बिक्री लगभग स्थिर रहने और नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग में कमी के बावजूद मकानों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म ANAROCK Research की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में दिल्ली-एनसीआर में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमतों में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह देश के सात प्रमुख महानगरों में सबसे अधिक वृद्धि रही।
बेंगलुरु समेत बड़े शहरों से आगे NCR
रिपोर्ट के अनुसार, देश के सात प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमतें सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 9,105 रुपये से 9,714 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं। दिल्ली-एनसीआर में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बेंगलुरु में कीमतें 8 प्रतिशत बढ़ीं। सातों महानगरों में पिछली तिमाही की तुलना में औसतन 1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि रही।
दिल्ली-एनसीआर में 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान करीब 13,765 घरों की बिक्री हुई। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 3 प्रतिशत अधिक है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बिक्री में 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
नई सप्लाई में आई कमी
एनसीआर में कीमतें बढ़ने की एक प्रमुख वजह नई आवासीय परियोजनाओं की घटती संख्या और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स का बढ़ता हिस्सा माना जा रहा है। तीसरी तिमाही में एनसीआर में करीब 10,900 नए आवासीय यूनिट लॉन्च हुए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 12,645 यूनिट लॉन्च किए गए थे। यानी नई आपूर्ति में करीब 14 प्रतिशत की कमी आई।
खास बात यह है कि नई लॉन्चिंग में 34 प्रतिशत से अधिक फ्लैट्स की कीमत 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। बाजार में महंगे और लग्जरी घरों की हिस्सेदारी बढ़ने से क्षेत्र की औसत कीमतों पर भी इसका असर पड़ा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से बढ़ रही प्रॉपर्टी की वैल्यू
रियल एस्टेट क्षेत्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, एनसीआर में प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण कारण हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में एक्सप्रेसवे, सार्वजनिक परिवहन, सामाजिक सुविधाओं और रोजगार के अवसरों के विस्तार से खरीदारों की रुचि बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खरीदार अब केवल घर की कीमत नहीं, बल्कि कार्यालयों तक पहुंच, सड़क कनेक्टिविटी, सार्वजनिक परिवहन और आसपास उपलब्ध सुविधाओं को भी खरीदारी के फैसले में महत्व दे रहे हैं।
त्योहारी सीजन में मांग पर नजर
देश के सात प्रमुख शहरों में तीसरी तिमाही के दौरान कुल 1,00,220 आवासीय यूनिट्स की बिक्री हुई। यह पिछली तिमाही की तुलना में 10 प्रतिशत और सालाना आधार पर 3 प्रतिशत अधिक है।
आगामी त्योहारी सीजन में रियल एस्टेट बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में नई सप्लाई में कमी और लगातार बढ़ती कीमतों के कारण घर खरीदारों के बजट पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में खरीदार प्रॉपर्टी खरीदने से पहले कीमत, लोकेशन, कनेक्टिविटी और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहे हैं।