नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के नव निर्माण में समाज की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। वह शनिवार को नारायणपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि अब बस्तर में जंगलों की कटाई होगी या बड़े उद्योग लगाए जाएंगे। उन्होंने समाज प्रमुखों से ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
विजय शर्मा ने कहा कि आदिवासी समाज के भीतर परंपराओं का पालन करने वाले और उनसे अलग हो चुके लोगों के बीच अनावश्यक मतभेद बढ़ रहे हैं। उन्होंने समाज प्रमुखों से आगे आकर आपसी वैमनस्य समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
देवस्थलों के संरक्षण पर दिया जोर
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक एवं देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की तर्ज पर नारायणपुर में भी समाज प्रमुखों की समिति बनाकर सामाजिक और धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन कराया जाएगा, जिससे भविष्य में उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
बैठक के दौरान गढ़िया बाबा देवस्थल के संरक्षण का मुद्दा उठने पर उन्होंने तत्काल बाउंड्री वॉल, नलकूप और सोलर लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

वन संरक्षण और जैविक खेती पर बल
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपजों के संग्रहण और उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे वन भी सुरक्षित रहेंगे और ग्रामीणों की आय भी बढ़ेगी।
उन्होंने किसानों से जैविक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा।
अबूझमाड़ में कृषि और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विजय शर्मा ने अबूझमाड़ के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थायी कृषि को बढ़ावा देने के लिए युवाओं के दल को उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजने का सुझाव दिया, ताकि वे आधुनिक पर्वतीय कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
इसके साथ ही उन्होंने अबूझमाड़ के गांवों में होम-स्टे विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जिससे ग्रामीणों के लिए स्थायी आय के नए अवसर तैयार हो सकें।
समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
बैठक में समाज प्रमुखों ने क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी समस्याओं एवं सुझावों से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। विजय शर्मा ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से ही नक्सल मुक्त, समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बस्तर का निर्माण संभव होगा।