डेस्क। बरसात का मौसम शुरू होते ही बाजारों में कई तरह की हरी सब्जियां दिखाई देने लगती हैं। इन्हीं में से एक है कंटोला, जिसे ककोड़ा, ककौड़ा और अंग्रेजी में स्पाइन गॉर्ड के नाम से भी जाना जाता है। आकार में छोटी और ऊपर से कांटेदार नजर आने वाली यह सब्जी खासतौर पर बारिश के मौसम में अधिक मिलती है। अपने स्वाद के साथ-साथ पोषक तत्वों के कारण भी कंटोला की मांग बनी रहती है। कई बाजारों में इन दिनों इसकी कीमत 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है।
फाइबर से भरपूर, पाचन के लिए उपयोगी
कंटोला को पोषक हरी सब्जियों में शामिल किया जाता है। इसमें फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। पर्याप्त फाइबर वाली डाइट कब्ज जैसी समस्या को कम करने में सहायक हो सकती है।
इसके अलावा कंटोला में विटामिन सी समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में इसे मौसमी सब्जियों के साथ संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

वजन मैनेज करने में मिल सकती है मदद
कंटोला को अपेक्षाकृत कम कैलोरी वाली सब्जी माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। ऐसे में इसे कम तेल और मसाले में पकाकर खाने से यह वजन मैनेज करने वाली डाइट का हिस्सा बन सकता है।
हालांकि, केवल कंटोला खाने से वजन कम नहीं होता। वजन को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर के लिए कितना फायदेमंद?
कंटोला में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व इसे हृदय के लिए फायदेमंद संतुलित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। पर्याप्त फाइबर वाला आहार कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में मदद कर सकता है। वहीं, सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
हालांकि, कंटोला को कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। इन समस्याओं से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं और डाइट जारी रखनी चाहिए।
जंगलों और खेतों के आसपास भी उगता है ककोड़ा
ककोड़ा की बेल कई जगहों पर जंगलों, झाड़ियों और खेतों के आसपास प्राकृतिक रूप से उगती है। इसकी खेती भी की जाती है। बारिश के मौसम में इसकी बेल पर छोटे-छोटे ककोड़े लगने लगते हैं, जिनकी सब्जी बनाकर खाई जाती है।
100 से 200 रुपये किलो तक कीमत
इन दिनों कई बाजारों में कंटोला 100 से 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। बारिश और उमस के मौसम में यह सब्जी जल्दी पक सकती है। कई बार बाहर से हरी और ताजी दिखने वाली सब्जी अंदर से पीली या ज्यादा पकी हुई निकल सकती है।
कंटोला खरीदते समय केवल रंग देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। आमतौर पर हरा, सख्त और बहुत बड़ा न होने वाला कंटोला ज्यादा ताजा माना जाता है। बहुत नरम, पीले या ज्यादा पके हुए कंटोले खरीदने से बचना बेहतर है।
दवाएं चल रही हों तो डॉक्टर से लें सलाह
मौसमी हरी सब्जियों को संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। कंटोला में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर रखने और कब्ज जैसी परेशानी से बचाव में मदद कर सकता है।
हालांकि किसी भी एक सब्जी को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति की किसी बीमारी के लिए दवाएं चल रही हैं या वह किसी विशेष डाइट पर है, तो कंटोला को नियमित रूप से डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।