क्या वोटिंग से पहले अमेरिका ने खोला मोर्चा? ईरान के केशम द्वीप पर धमाकों से बढ़ा तनाव

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच केशम द्वीप पर अमेरिकी हवाई हमले की खबर सामने आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुहाने पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस द्वीप पर कई जोरदार धमाकों की सूचना है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने व्यापक सैन्य संघर्ष के संकेतों से बचने के लिए इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय और सीमित रखा था।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि केशम द्वीप पर किए गए ये हमले हाल के हफ्तों में वाशिंगटन की ओर से संचालित सीमित सैन्य अभियानों का हिस्सा थे। वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया आउटलेट IRNA के अनुसार, अमेरिकी हमले के बाद द्वीप पर कई भीषण धमाकों की आवाज सुनी गई।

होर्मुज के मुहाने पर रणनीतिक कार्रवाई

केशम द्वीप फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुहाने पर स्थित है। इसकी रणनीतिक स्थिति के कारण यहां होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि का असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इन अभियानों को सीमित रखा, ताकि इसे ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत के रूप में न देखा जाए।

इस घटनाक्रम के बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है।

नेतन्याहू ने ट्रंप से की थी सैन्य कार्रवाई की अपील

इस घटनाक्रम के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत भी चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू ने ट्रंप से अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य कार्रवाई पर विचार करने का आग्रह किया था।

‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच जारी संपर्क तथा संभावित सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने के विकल्पों पर चर्चा हुई।

ट्रंप के इनकार के बावजूद हमले की खबर

अमेरिका में आज मध्यावधि चुनाव के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। खास बात यह है कि जब ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वे चुनाव के बाद ईरान पर हमले पर विचार कर रहे हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर ‘नहीं’ में जवाब दिया था।

हालांकि, अब केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नेतन्याहू की अपील, ट्रंप का बयान और मतदान से ठीक पहले सामने आया यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

कूटनीतिक समाधान की कोशिशों के बीच बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से संघर्ष जारी होने का दावा किया गया है। सैन्य तनाव के बावजूद दोनों देश कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसे में केशम द्वीप पर हमले की खबर से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

फिलहाल इस घटनाक्रम को लेकर सामने आई जानकारी अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट और ईरानी सरकारी मीडिया के दावों पर आधारित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *