हर दिन इस हरे फल का जूस पीने से बढ़ सकता है हीमोग्लोबिन! महिलाओं के लिए क्यों है फायदेमंद, जानिए

हेल्थ डेस्क। महिलाओं और किशोरियों में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया (खून की कमी) एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। हाल ही में सामने आई एक स्टडी में दावा किया गया है कि अमरूद का जूस आयरन सप्लीमेंट के साथ लेने पर हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि जिन देशों में एनीमिया की समस्या अधिक है, वहां पोषण संबंधी सलाह में अमरूद को शामिल करना लाभदायक हो सकता है।

अध्ययन के अनुसार, कम और मध्यम आय वाले देशों में किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया बेहद आम है। यह न केवल कमजोरी और थकान बढ़ाता है, बल्कि गंभीर मामलों में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और मृत्यु का जोखिम भी बढ़ा सकता है। अमरूद विटामिन-सी का सस्ता और समृद्ध स्रोत है, जो शरीर में पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रति 100 ग्राम अमरूद में संतरे की तुलना में लगभग चार गुना अधिक विटामिन-सी पाया जाता है। इसके अलावा इसमें विटामिन-ए, फोलेट, फाइबर और थोड़ी मात्रा में आयरन भी मौजूद होता है।

शोध में 235 महिलाओं और किशोरियों पर किए गए 12 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया। परिणामों में पाया गया कि अमरूद का जूस पीने के बाद हीमोग्लोबिन के स्तर में औसतन 1.71 ग्राम प्रति डेसीलीटर (g/dl) की बढ़ोतरी दर्ज की गई। किशोरियों में यह बढ़ोतरी 1.52 g/dl और गर्भवती महिलाओं में 1.84 g/dl रही। वहीं, जिन प्रतिभागियों ने आयरन सप्लीमेंट के साथ अमरूद का जूस लिया, उनमें केवल आयरन सप्लीमेंट लेने वालों की तुलना में औसतन 1.29 g/dl अधिक सुधार देखा गया।

शोधकर्ताओं का कहना है कि हीमोग्लोबिन में 1 से 2 g/dl की बढ़ोतरी किसी व्यक्ति को हल्के या मध्यम एनीमिया की स्थिति से सामान्य श्रेणी में लाने में मदद कर सकती है। इससे थकान कम होने, मानसिक क्षमता में सुधार और कार्यक्षमता बढ़ने जैसे लाभ मिल सकते हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि भोजन में दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां या अन्य आयरन युक्त शाकाहारी खाद्य पदार्थ शामिल हों, तो उनके साथ या तुरंत बाद एक पूरा अमरूद खाने से आयरन का अवशोषण बेहतर हो सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी महिला को बार-बार कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना या हीमोग्लोबिन कम होने जैसी समस्याएं महसूस हों, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराकर उचित उपचार कराना आवश्यक है।

नोट: यह खबर उपलब्ध अध्ययन के निष्कर्षों पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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