डेस्क। शॉर्ट ड्रेस, स्कर्ट या शॉर्ट्स पहनना कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन घुटनों का कालापन अक्सर आत्मविश्वास को कम कर देता है। चेहरे और हाथों की देखभाल पर लोग ध्यान देते हैं, लेकिन घुटनों और कोहनियों की स्किन अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, जिससे यह हिस्सा समय के साथ काला और रूखा दिखने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घुटनों का कालापन एक आम समस्या है, जो कई कारणों से हो सकता है। लगातार घर्षण, त्वचा का रूखापन, डेड स्किन का जमाव, लंबे समय तक घुटनों के बल बैठना और धूप के संपर्क में रहना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।
एक्सफोलिएशन से मिल सकती है राहत
स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नियमित एक्सफोलिएशन से घुटनों का कालापन कम किया जा सकता है। एक्सफोलिएशन का मतलब है त्वचा पर जमी डेड स्किन को हटाना, जिससे नई और साफ त्वचा उभरती है। सप्ताह में 1 से 2 बार हल्के स्क्रब का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।
मॉइस्चराइजिंग है जरूरी
घुटनों की त्वचा को मुलायम और स्वस्थ बनाए रखने के लिए मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। नहाने के बाद और रात को सोने से पहले मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी बनी रहती है और उसका टेक्सचर बेहतर होता है।
ये इंग्रीडिएंट्स भी हैं फायदेमंद
स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ खास तत्वों वाले प्रोडक्ट्स भी घुटनों की रंगत सुधारने में मदद कर सकते हैं।
- ग्लाइकोलिक एसिड डेड स्किन हटाने में मदद करता है।
- विटामिन-सी त्वचा को निखारने में सहायक है।
- साइट्रस एक्सट्रैक्ट्स त्वचा की रंगत सुधार सकते हैं।
हालांकि किसी भी नए प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
धूप से बचाव भी जरूरी
घुटनों के कालापन को कम करने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग भी महत्वपूर्ण है। शॉर्ट्स या ड्रेस पहनते समय घुटनों पर भी सनस्क्रीन लगाने से यूवी किरणों के नुकसान से बचाव किया जा सकता है और त्वचा की रंगत बेहतर बनी रहती है।