कांगो से युगांडा तक फैला इबोला, WHO ने जताई गंभीर चिंता; 515 मामले और 91 मौतें दर्ज

नई दिल्ली/अफ्रीका। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने कहा है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला का प्रकोप तेजी से फैल रहा है और अब यह पड़ोसी देश युगांडा तक भी पहुंच गया है। संक्रमण के बढ़ते मामलों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

डब्ल्यूएचओ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कांगो प्रजातांत्रिक गणराज्य में इबोला का जोखिम स्तर ‘बहुत अधिक’ है, जबकि युगांडा और सीमा से लगे देशों में इसे ‘उच्च’ श्रेणी में रखा गया है। वहीं, अन्य अफ्रीकी देशों और वैश्विक स्तर पर जोखिम फिलहाल ‘निम्न’ बताया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरसी में अब तक 515 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 91 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं Uganda में 19 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें दो मौतें शामिल हैं। WHO ने बताया कि युगांडा में पाए गए सभी मामले डीआरसी के प्रकोप से जुड़े हुए हैं।

स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, संक्रमण सीमा पार आवाजाही और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से फैल रहा है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए WHO और अफ्रीका CDC मिलकर निगरानी और रोकथाम के उपायों को मजबूत कर रहे हैं।

हाल ही में अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन और WHO ने मिलकर महाद्वीपीय इबोला तैयारी एवं प्रतिक्रिया योजना शुरू की है, जिसके तहत 51.8 करोड़ डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रकोप बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन से जुड़ा है, जो इबोला का एक गंभीर रूप है। यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों से फैलता है और संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से तेजी से संक्रमण फैल सकता है।

WHO ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित देशों में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।

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