अमेरिका-चीन में आर्थिक सुलह, ट्रंप बोले—अब रिश्ते होंगे मजबूत

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि अमेरिका और चीन के बीच दुर्लभ खनिजों (रेयर अर्थ) की आपूर्ति को लेकर एक अहम समझौता हो गया है। इस समझौते के तहत चीन अगले एक वर्ष तक अमेरिका को इन खनिजों की नियमित आपूर्ति करेगा। ट्रंप ने बताया कि इस निर्णय से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में नई मजबूती आएगी।

ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ सहमति बनने के बाद फेंटानिल (एक मादक पदार्थ) से जुड़े उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे चीन पर कुल अमेरिकी टैरिफ दर 57 प्रतिशत से घटकर 47 प्रतिशत रह जाएगी।

यह मुलाकात दक्षिण अफ्रीका के बंदरगाह शहर बुसान में हुई, जहां दोनों नेताओं ने कई वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और चीन के बीच अधिकांश आर्थिक मतभेद अब सुलझ चुके हैं और यह समझौता भविष्य में एक वर्ष के लिए और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने में मदद करेगा।

बैठक के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठा। ट्रंप ने बताया कि वॉशिंगटन और बीजिंग इस संकट का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच कई आर्थिक नीतियों पर समान दृष्टिकोण है। उन्होंने जानकारी दी कि फेंटानिल की तस्करी से जुड़े टैरिफ को तत्काल प्रभाव से हटाया जा रहा है। साथ ही, चीन ने अमेरिका से बड़े पैमाने पर सोयाबीन खरीदने का वादा किया है।

दिलचस्प बात यह रही कि बैठक में ताइवान का मुद्दा नहीं उठा। जबकि उम्मीद थी कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस विषय पर कोई बातचीत नहीं हुई।

ट्रंप ने यह भी बताया कि वे आने वाले अप्रैल महीने में चीन का दौरा करेंगे, जिसके बाद शी जिनपिंग अमेरिका की यात्रा पर आएंगे। दोनों नेताओं की अगली मुलाकात वॉशिंगटन डीसी या ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित निवास पाम बीच में होने की संभावना है।

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