शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ऐलान, स्टार्टअप्स को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को ‘भारत इनोवेट्स’ से जुड़े दो रणनीतिक दस्तावेज़ जारी किए, जो देश के उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों से जुड़े नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देने की पहल माने जा रहे हैं।

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस विजन को मजबूती देती है, जिसका लक्ष्य भारत को ज्ञान उपभोग करने वाले देश से बदलकर ज्ञान सृजन और नवाचार आधारित वैश्विक शक्ति बनाना है।

कार्यक्रम में रहे कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद

इस अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, नीति आयोग के प्रतिनिधि और कई प्रमुख संस्थानों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को भारत के डीप-टेक और इनोवेशन सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण बताया।

वैश्विक निवेशकों से जुड़ेंगे भारतीय स्टार्टअप

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को आगे बढ़ाता है, जिसके तहत भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्लेटफॉर्म उन निवेश फर्मों के साथ सहयोग स्थापित कर रहा है जो ट्रिलियन डॉलर से अधिक संपत्ति का प्रबंधन करती हैं।

इस पहल के तहत अब तक 100 से अधिक वैश्विक निवेशकों की भागीदारी की संभावना जताई गई है, जिससे भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय विश्वास और मजबूत हुआ है।

20 मिलियन डॉलर निवेश पर बातचीत अंतिम चरण में

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस पहल के तहत लगभग 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश पर बातचीत अंतिम चरण में है। इसके साथ ही पेरिस, टोक्यो और बेंगलुरु में रोडशो के जरिए वैश्विक निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच संपर्क बढ़ाया गया है।

120 स्टार्टअप और 50 शोध परियोजनाएं शामिल

जारी किए गए दस्तावेज़ों में ‘भारत इनोवेट्स स्टार्टअप कम्पेंडियम’ शामिल है, जिसमें देशभर के 120 चुनिंदा उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स को प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा 50 अत्याधुनिक शोध और नवाचार परियोजनाओं को भी इसमें शामिल किया गया है।

इन परियोजनाओं में आईआईटी, आईआईएससी, बिट्स पिलानी जैसे प्रमुख संस्थानों के शोध कार्यों को दर्शाया गया है, जिनका उद्देश्य तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है।

फ्रांस में होगा ‘भारत इनोवेट्स 2026’

इंडिया-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत 14 से 16 जून 2026 को फ्रांस के नीस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें अंतरिक्ष, रक्षा, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़े 120 चयनित डीप-टेक स्टार्टअप्स भाग लेंगे।

इस आयोजन में भारत के 15 प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान भी शामिल होंगे, जो अपनी शोध क्षमताओं और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे।

डीप-टेक नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि भारत को केवल डीप-टेक स्टार्टअप ही नहीं, बल्कि डीप-टेक नवाचार की मजबूत संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस पहल को देश के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

‘भारत इनोवेट्स’ को भारत के नवाचार तंत्र को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की एक बड़ी पहल माना जा रहा है, जिससे स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को नई दिशा मिलेगी।

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