अंडा/चिंगरी। खेत देखने गए ग्राम चिंगरी निवासी किसान बीरेन्द्र देशमुख (60 वर्ष) की विद्युत करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने इस मौत को बिजली विभाग की घोर और लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का परिणाम बताया है।
मृतक बीरेन्द्र देशमुख अपने पीछे पत्नी अनुसूइया देशमुख, पुत्र जगेश्वर देशमुख एवं गावेश देशमुख सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पति की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

दो साल से झुका पोल, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों के अनुसार जिस विद्युत पोल के संपर्क में आने से किसान की मौत हुई, वह पिछले करीब दो वर्षों से झुका और जर्जर हालत में था। इसे लेकर बिजली विभाग को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। आरोप है कि पोल झुकने से बिजली के तार नीचे आ गए थे, जिन्हें अस्थायी तौर पर लोहे के घेरा तार से बांध दिया गया था।
समय के साथ केबल में छेद हो गया और लोहे के घेरा तार में करंट प्रवाहित होने लगा। खेत निरीक्षण के दौरान बीरेन्द्र देशमुख उसी करंट की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

शव रखकर धरना, बारिश में भी अड़े ग्रामीण
पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय अंडा स्थित बिजली कार्यालय के सामने शव रखकर धरना शुरू कर दिया। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर डटे रहे और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मुआवजा, नौकरी और कार्रवाई की मांग
धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, एक परिजन को रोजगार तथा पूरे मामले की तकनीकी जांच कर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पोल और तारों की मरम्मत की जाती, तो यह हादसा टल सकता था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा शुरू की। समाचार लिखे जाने तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका था और धरना जारी था। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।