Monthly Shivratri : हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
सितंबर 2026 में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह है। उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस बार कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 9 सितंबर 2026, बुधवार को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी, जो 10 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि और व्रत की मान्यता के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत 9 सितंबर को रखा जाएगा।
मासिक शिवरात्रि व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव का व्रत और पूजन करने से व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन शिव मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शिवालय या घर के पूर्व दिशा में बैठकर भगवान शिव के मंत्रों का जाप करने से साधक को विशेष फल प्राप्त होता है।
पूजा संपन्न होने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर स्वयं भोजन करने की परंपरा भी बताई गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धापूर्वक मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को दीर्घायु, आरोग्य, ऐश्वर्य तथा संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही भगवान शिव की कृपा से मनोकामनाएं पूर्ण होने की भी मान्यता है।
इन शिव मंत्रों का करें जाप
मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है—
ॐ त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुतम्।
त्रिजन्म पाप संहारं एक बिल्वं शिवार्पणम्॥
इसके अलावा भगवान शिव के इन नाम मंत्रों का भी जाप किया जा सकता है—
ॐ शिवाय नमः।
ॐ सर्वात्मने नमः।
ॐ त्रिनेत्राय नमः।
ॐ हराय नमः।
ॐ इन्द्रमुखाय नमः।
मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि के दिन सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।