वाशिंगटन। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने महंगाई पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि उनके कार्यकाल में लगातार ऊंची महंगाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीनेट बैंकिंग समिति के समक्ष अपनी पहली अर्धवार्षिक मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि फेडरल रिजर्व की सर्वोच्च प्राथमिकता कीमतों में स्थिरता बहाल करना है। इसी उद्देश्य से फेड ने पांच विशेष टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है।
पदभार संभालने के लगभग सात सप्ताह बाद पहली बार सांसदों को संबोधित करते हुए वार्श ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से महंगाई फेड के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। उन्होंने दोहराया कि “महंगाई एक विकल्प है” और फेडरल रिजर्व इसे नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि हालिया बैठक में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने आर्थिक परिस्थितियों की समीक्षा के बाद फेडरल फंड्स रेट को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के दायरे में यथावत रखने का फैसला किया।
वार्श ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बताते हुए कहा कि उपभोक्ता खर्च और विनिर्माण गतिविधियां बेहतर स्थिति में हैं, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनकर उभरा है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि हाउसिंग सेक्टर अभी भी अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अन्य बाहरी कारणों से कुछ वस्तुओं की कीमतों में अस्थायी वृद्धि हो सकती है, लेकिन फेड यह सुनिश्चित करेगा कि इसका असर व्यापक महंगाई में न बदले।
सीनेटर जॉन कैनेडी के सवाल पर वार्श ने कहा, “मेरे रहते महंगाई स्थायी नहीं होने वाली है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि फेड मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी मौद्रिक उपाय अपनाएगा।
फेडरल रिजर्व ने नीति-निर्माण को और प्रभावी बनाने के लिए पांच विशेष टास्क फोर्स गठित करने का फैसला किया है। ये टास्क फोर्स संचार व्यवस्था, बैलेंस शीट नीति, आर्थिक आंकड़ों, उत्पादकता एवं रोजगार तथा महंगाई से जुड़े ढांचे की समीक्षा करेंगी। वार्श ने कहा कि इन समितियों का उद्देश्य भविष्य की मौद्रिक नीति को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
सुनवाई के दौरान कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों ने महंगाई के लिए ऊर्जा कीमतों, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं और टैरिफ जैसी बाहरी परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया। इस पर वार्श ने कहा कि ऐसे कारकों का सीमित प्रभाव हो सकता है, लेकिन मूल्य स्थिरता बनाए रखना फेडरल रिजर्व की मूल जिम्मेदारी है।
कोविड-19 महामारी के बाद बढ़ी महंगाई पर नियंत्रण के लिए फेड ने पिछले कुछ वर्षों में ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखा है। वैश्विक वित्तीय बाजार भी फेड की मौद्रिक नीति पर करीबी नजर रखे हुए हैं, क्योंकि अमेरिका की ब्याज दरों में बदलाव का असर दुनिया भर में निवेश, उधारी की लागत और मुद्रा विनिमय दरों पर पड़ता है।