फेरारी की इलेक्ट्रिक कार का जलवा, नीलामी में 382 करोड़ रुपये में हुई बिक्री

नई दिल्ली। लग्जरी स्पोर्ट्स कार निर्माता फेरारी की पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार ने नीलामी में कीमत का नया रिकॉर्ड बना दिया है। अमेरिका में आयोजित नीलामी में फेरारी की इस खास कार को 4 करोड़ डॉलर यानी करीब 382 करोड़ रुपये में खरीदा गया। यह कीमत कार की मूल कीमत से करीब 35 गुना अधिक बताई जा रही है।

नीलामी का आयोजन सोदबी ने किया। संस्था के अनुसार, बिक्री से प्राप्त राशि फेरारी फाउंडेशन के शैक्षिक कार्यक्रमों में खर्च की जाएगी। हालांकि नीलामी के दौरान खरीदार की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई।

‘ल्यूस चैसी 0’ ने बनाया रिकॉर्ड

रिकॉर्ड कीमत में बिकने वाला मॉडल ‘फेरारी ल्यूस चैसी 0’ है। इसे फेरारी के इलेक्ट्रिक वाहन कार्यक्रम की पहली उत्पादन चैसी के तौर पर तैयार किया गया है। यह पूरी तरह कस्टमाइज्ड मॉडल है।

कार में 1,000 हॉर्सपावर से अधिक की क्षमता है। चार दरवाजों और पांच सीटों वाली इस कार को इलेक्ट्रिक ग्रैंड टूरर के रूप में विकसित किया गया है। इसका डिजाइन एप्पल के पूर्व चीफ डिजाइन ऑफिसर सर जॉनी आइव के स्टूडियो LoveFrom के साथ साझेदारी में तैयार किया गया है।

रोशनी के हिसाब से बदलता है कार का रंग

फेरारी ल्यूस चैसी 0 की सबसे खास खूबियों में इसका अनोखा बाहरी रंग शामिल है। कार पर विशेष ‘मद्रेपर्ला’ सेमी-ग्लॉस पेंट लगाया गया है, जो रोशनी के कोण और तीव्रता के अनुसार हरे से बैंगनी रंग के बीच बदलता नजर आता है।

कंपनी के अनुसार, पेंटिंग प्रक्रिया इतनी जटिल है कि इस तकनीक से तैयार की गई कोई भी दो कारें बिल्कुल एक जैसी दिखाई नहीं देंगी।

इंटीरियर में भी खास कस्टमाइजेशन

कार के इंटीरियर में पेर्ला ले मैन्स मेटैलिक लेदर का इस्तेमाल किया गया है। केबिन के कई हिस्सों में पारंपरिक काले रंग के बजाय पहली बार ग्रिगियो कोरवारा रंग दिया गया है।

इसके अलावा कार में विशेष डिजाइन के पहिए और कस्टम ब्रेक कैलीपर्स दिए गए हैं। इसका डिजाइन और निर्माण इसे फेरारी के पारंपरिक मॉडलों से अलग पहचान देता है।

कार की अंतिम असेंबली इटली के मारानेलो में की जाएगी और इसकी डिलीवरी 2027 की पहली तिमाही में निर्धारित बताई गई है।

कौन है 382 करोड़ की कार का खरीदार?

नीलामी कंपनी ने खरीदार का नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया। हालांकि कुछ रिपोर्टों में रजिस्ट्री के हवाले से दावा किया गया है कि कार के खरीदार अमेरिकी अरबपति हर्बर्ट ‘डॉ. हर्बी’ वर्थहाइम हैं।

वर्थहाइम ऑप्टोमेट्रिस्ट, आविष्कारक और निवेशक के रूप में जाने जाते हैं। उनकी संपत्ति करीब 5 अरब डॉलर आंकी जाती है।

संघर्षपूर्ण रहा बचपन

फिलाडेल्फिया में जन्मे वर्थहाइम का बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता। किशोरावस्था में वह घर से निकल गए और फ्लोरिडा में संतरे तोड़ने समेत कई छोटे-मोटे काम किए। 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने अमेरिकी नौसेना में सेवा शुरू की।

नौसेना से लौटने के बाद उन्होंने भौतिकी और रसायन शास्त्र की पढ़ाई की तथा केप कैनावेरल में नासा इंजीनियर के रूप में काम किया। बाद में छात्रवृत्ति के जरिए ऑप्टोमेट्री की पढ़ाई पूरी की।

1969 में उन्होंने प्लास्टिक लेंस के लिए विशेष आईग्लास टिंट विकसित किया। इसके बाद 1970 में उन्होंने Brain Power नामक कंपनी की स्थापना की, जिसके पास ऑप्टिकल तकनीक से जुड़े 100 से अधिक पेटेंट बताए जाते हैं।

निवेश से बनाई अरबों की संपत्ति

वर्थहाइम की संपत्ति लंबे समय से किए गए निवेशों का नतीजा है। उन्होंने एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, जनरल इलेक्ट्रिक और बैंक ऑफ अमेरिका जैसी बड़ी कंपनियों में शुरुआती दौर में निवेश किया था।

एयरोस्पेस पार्ट्स निर्माता कंपनी HEICO में उनका निवेश विशेष रूप से सफल रहा। रिपोर्टों के मुताबिक, 1992 में किए गए करीब 50 लाख डॉलर के निवेश का मूल्य अब लगभग 80 करोड़ डॉलर तक पहुंच चुका है।

फेरारी कलेक्शन के भी शौकीन

वर्थहाइम के पास दुर्लभ और महंगी फेरारी कारों का बड़ा कलेक्शन है। पिछले वर्ष उन्होंने मॉन्टेरी कार वीक की नीलामी में कस्टमाइज्ड Ferrari Daytona SP3 को 2.60 करोड़ डॉलर यानी करीब 248 करोड़ रुपये में खरीदा था।

अब उन्होंने अपनी पिछली रिकॉर्ड बोली को करीब 54 प्रतिशत पीछे छोड़ते हुए फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार के लिए 4 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं। इस तरह ‘ल्यूस चैसी 0’ फेरारी की नीलामी में बिकने वाली सबसे महंगी नई कारों में शामिल हो गई है।

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