फॉरेंसिक जांच में साफ हुआ सच, आतिशी ने ‘गुरु’ शब्द नहीं कहा: आप

नई दिल्ली/चंडीगढ़। सिख गुरुओं से जुड़ी कथित बेअदबी के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने अपने बयान में “गुरु” शब्द का प्रयोग नहीं किया था। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दोनों दलों ने जानबूझकर फर्जी वीडियो बनाकर सिख समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक लाभ के लिए गुरुओं के नाम को विवाद में घसीटा गया और सोशल मीडिया पर एडिटेड वीडियो फैलाकर भ्रम पैदा किया गया। पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही फर्जी वीडियो साझा करने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।

AAP नेताओं का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि आतिशी ने सदन में किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस ने बिना सच्चाई जाने आरोप लगाए, जिससे पूरे सिख समाज की आस्था को ठेस पहुंची है। पार्टी ने कहा कि अब जब सच्चाई सामने आ चुकी है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी ने यह भी दोहराया कि वह सिख गुरुओं का गहरा सम्मान करती है और उनके अपमान से जुड़े किसी भी कृत्य को स्वीकार नहीं करेगी। पार्टी का आरोप है कि भाजपा नेताओं द्वारा जानबूझकर एडिटेड वीडियो प्रसारित किए गए, ताकि दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही बाधित की जा सके और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके।

AAP ने यह भी कहा कि दिल्ली में प्रदूषण, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए भाजपा धर्म की आड़ में राजनीति कर रही है। पार्टी ने मांग की है कि फर्जी वीडियो साझा करने वाले भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और संबंधित विधायकों को विधानसभा से निलंबित किया जाए।

इधर, पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए वीडियो की तकनीकी जांच कराई। जांच में पुष्टि हुई कि वीडियो के ऑडियो से छेड़छाड़ की गई थी। इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता इकबाल सिंह की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि वायरल पोस्ट भड़काऊ थे और जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने के उद्देश्य से फैलाए गए।

पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और फर्जी वीडियो बनाने व प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *