Gold Price Prediction 2026: सोने के भाव में फिर आ सकती है बड़ी तेजी, ₹1.71 लाख तक पहुंच सकता है 10 ग्राम का रेट!

नई दिल्ली। सोने की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ी तेजी की संभावना जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) के अनुमान ने सोने में निवेश करने वालों का ध्यान खींचा है। संस्थान के मुताबिक, 2026 की आखिरी तिमाही में सोने की औसत कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं, 2027 के अंत तक यह बढ़कर 6,300 डॉलर प्रति औंस हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो भारतीय बाजार में भी सोने के भाव नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं।

हालांकि, ये केवल बाजार के अनुमान हैं, कीमतों में तेजी की गारंटी नहीं। सोने का वास्तविक भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और रुपये की विनिमय दर सहित कई कारकों पर निर्भर करेगा।

जनवरी में सोने ने बनाया था रिकॉर्ड

साल 2026 की शुरुआत सोने के बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। 29 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत 5,595.47 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। उस दौरान भारत में 24 कैरेट सोने का भाव भी लगभग 1,52,500 से 1,52,670 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अब जेपी मॉर्गन के नए अनुमान से बाजार में भविष्य की कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

JP Morgan ने क्यों जताई तेजी की संभावना?

जेपी मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, 2026 की चौथी तिमाही में सोने की औसत कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस और 2027 के अंत तक 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।

हालांकि, संस्थान के बेस और प्रेशियस मेटल्स प्रमुख ग्रेग शीरर के विश्लेषण के अनुसार, हाल के दिनों में सोने में निवेशकों की दिलचस्पी कुछ कमजोर हुई है। बाजार में कीमतों की अगली दिशा को लेकर भी स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे हैं।

तकनीकी संकेतकों के मुताबिक, सोने की कीमत 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर, लेकिन 50-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे रहने की स्थिति में थी। यह बाजार में अनिश्चितता की ओर इशारा करता है।

ब्याज दरें बढ़ीं तो सोने पर पड़ सकता है दबाव

सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति भी शामिल है। यदि ऊर्जा की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ती है और अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो सोने की मांग पर दबाव पड़ सकता है।

इसकी वजह यह है कि सोना निवेशकों को ब्याज नहीं देता। ऐसे में ब्याज दरें बढ़ने पर बॉन्ड जैसे दूसरे निवेश विकल्प अधिक आकर्षक हो सकते हैं।

दूसरी ओर, ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। ऐसे हालात में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में देखते हैं।

इसलिए आने वाले महीनों में सोने की कीमतों की दिशा काफी हद तक महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

₹1.71 लाख तक पहुंच सकता है 10 ग्राम सोना?

यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत जेपी मॉर्गन के अनुमान के मुताबिक बढ़ती है, तो भारतीय बाजार में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। दिए गए मूल्य अनुपात के आधार पर संभावित कीमतें इस प्रकार हैं:

  • सोना 6,000 डॉलर प्रति औंस: 24 कैरेट सोने का अनुमानित भाव 1,63,525 से 1,63,707 रुपये प्रति 10 ग्राम।
  • सोना 6,300 डॉलर प्रति औंस: 24 कैरेट सोने का अनुमानित भाव 1,71,701 से 1,71,893 रुपये प्रति 10 ग्राम।

ये संभावित कीमतें जनवरी 2026 के अंतरराष्ट्रीय और भारतीय बाजार के भावों के अनुपात पर आधारित हैं। इन्हें भविष्य का निश्चित भाव नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक कीमत में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, स्थानीय कर, बाजार प्रीमियम और अन्य लागतों के कारण अंतर हो सकता है।

आज सोने का भाव कितना है?

दिए गए बाजार अपडेट के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में 1,109 रुपये की तेजी दर्ज की गई और भाव करीब 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं, बुलियंस के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,240 रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया।

ध्यान दें कि ये उपलब्ध कराए गए बाजार आंकड़े हैं। इन्हें आज के लाइव भाव के रूप में स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव और आभूषण विक्रेता से मिलने वाली कीमत की पुष्टि जरूर करें।

सोने में निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सोने की कीमतों में संभावित तेजी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन केवल किसी वित्तीय संस्थान के अनुमान के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेश से पहले मौजूदा बाजार भाव, कीमतों में उतार-चढ़ाव, निवेश की अवधि और अपनी आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

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