नई दिल्ली। शुक्रवार को सर्राफा और कमोडिटी बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। लगातार कई दिनों तक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद अब दोनों कीमती धातुओं में भारी बिकवाली और मुनाफावसूली देखने को मिली है। इसका असर घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक साफ दिखाई दिया है।
MCX में बड़ी गिरावट, चांदी में सबसे ज्यादा दबाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 1400 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी के दाम एक ही दिन में करीब 8000 रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसल गए। कारोबार के दौरान दोनों धातुएं लगातार दबाव में रहीं और निवेशकों ने भारी मात्रा में मुनाफावसूली की।
घरेलू बाजार में भी नरमी
देश के बुलियन बाजार में भी सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम कम हुए हैं, जबकि चांदी के भाव में भी हजारों रुपये प्रति किलो की कमी दर्ज की गई है। इससे शादी-विवाह और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को राहत मिली है।
अमेरिकी आर्थिक संकेतों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। आशंका है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे निवेशक सोना-चांदी की बजाय अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली
पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी। ऐसे में बड़े निवेशकों और फंड हाउसों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बड़ी मात्रा में बिकवाली शुरू कर दी, जिसे गिरावट का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती के चलते भी सोना-चांदी पर दबाव बढ़ा है। डॉलर मजबूत होने पर निवेशक अन्य परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग घट जाती है।
वैश्विक बाजार का असर भारत पर
विदेशी बाजारों में भी सोना-चांदी कमजोर बने हुए हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेश रणनीति में बदलाव के चलते आने वाले दिनों में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।