नई दिल्ली: क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अब बड़े शहरों से निकलकर छोटे शहरों और कस्बों तक तेजी से बढ़ गया है। खरीदारी, ऑनलाइन पेमेंट और बिल भुगतान जैसे कामों में यह लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। हालांकि, समय पर भुगतान न करने पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क और पेनल्टी हमेशा से ग्राहकों के लिए चिंता का कारण रहे हैं।
इसी बीच भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड धारकों के हित में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिससे देर से भुगतान करने वालों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
नए प्रावधानों के अनुसार, अगर कोई ग्राहक ड्यू डेट पर भुगतान नहीं कर पाता है, तो उसे तुरंत लेट फीस नहीं चुकानी पड़ेगी। बैंक अब कम से कम तीन दिनों का अतिरिक्त समय यानी ग्रेस पीरियड देंगे। इस अवधि में किए गए भुगतान को समय पर माना जाएगा और उस पर कोई पेनल्टी लागू नहीं होगी।
इसके साथ ही एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब लेट पेमेंट चार्ज पूरे बिल पर नहीं बल्कि केवल बकाया राशि पर लगाया जाएगा। इससे ग्राहकों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ पहले की तुलना में काफी कम हो जाएगा।
नए नियमों में क्रेडिट स्कोर से जुड़ी व्यवस्था में भी नरमी की गई है। यदि ग्राहक निर्धारित तीन दिनों के भीतर भुगतान कर देते हैं, तो इसे डिफॉल्ट के रूप में नहीं माना जाएगा और उनके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। हालांकि तकनीकी रूप से ड्यू डेट के बाद से ही बकाया दर्ज माना जाएगा, लेकिन पेनल्टी और रिपोर्टिंग में राहत दी जाएगी।
ये संशोधन RBI के “क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड निर्देश 2026” का हिस्सा हैं, जिन्हें 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाएगा। तब तक बैंकिंग संस्थानों को अपने सिस्टम को नए नियमों के अनुसार अपडेट करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव ग्राहकों के लिए राहत भरा जरूर है, लेकिन इसके बावजूद समय पर बिल भुगतान करना ही सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प रहेगा, ताकि अनावश्यक ब्याज और शुल्क से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, यह कदम डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।