नई दिल्ली। केंद्र सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। सरकार दो दिवसीय ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 382 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर एलआईसी के 6.5 प्रतिशत तक शेयर बेचेगी। इस घोषणा के बाद मंगलवार सुबह शेयर बाजार में एलआईसी के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 6.07 प्रतिशत टूटकर 398.60 रुपये पर कारोबार करता नजर आया।
सरकार की इस हिस्सेदारी बिक्री से करीब 31,000 करोड़ रुपये जुटने का अनुमान है। यह राशि तभी प्राप्त होगी जब ओएफएस को पूरी तरह सब्सक्राइब किया जाएगा और ग्रीन-शू विकल्प का भी उपयोग किया जाएगा।
कब खुलेगा OFS?
एलआईसी का ओएफएस गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए मंगलवार को खुलेगा, जबकि खुदरा (Retail) निवेशक बुधवार को इसमें आवेदन कर सकेंगे।
ग्रीन-शू विकल्प भी शामिल
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने बताया कि सरकार 2.5 प्रतिशत इक्विटी विनिवेश के साथ 4 प्रतिशत अतिरिक्त ग्रीन-शू विकल्प भी रखेगी। इसका मतलब है कि यदि निवेशकों की मांग अधिक रही तो सरकार अतिरिक्त शेयर भी बेच सकेगी।
10 प्रतिशत डिस्काउंट पर मिलेगा शेयर
ओएफएस का फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो सोमवार को बीएसई पर एलआईसी के 424.35 रुपये के बंद भाव से लगभग 10 प्रतिशत कम है। इससे निवेशकों को रियायती दर पर शेयर खरीदने का अवसर मिलेगा।
सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी
वर्तमान में एलआईसी में केंद्र सरकार की 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस हिस्सेदारी बिक्री के बाद कंपनी में सार्वजनिक शेयरधारिता बढ़ेगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एलआईसी को 16 मई 2027 तक न्यूनतम 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता सुनिश्चित करने की समयसीमा दी है।
सरकार का यह कदम विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के साथ-साथ बाजार से पूंजी जुटाने और एलआईसी में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।