रायपुर, 24 अप्रैल 2026: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के मद्देनज़र छत्तीसगढ़ सरकार ने खाद आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से खरीफ सीजन 2026 के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया है। इसमें 7.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3 लाख डीएपी, 80 हजार एमओपी, 2.5 लाख एनपीके और 2 लाख मीट्रिक टन एसएसपी शामिल हैं।
वर्तमान में राज्य के गोदामों और समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि संभावित संकट को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन को तेज करने, बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने तथा रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही दलहन-तिलहन फसलों के उपार्जन, सुगंधित धान के उत्पादन और उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना एवं मसाला फसलों के विस्तार पर भी जोर दिया गया है।