नई दिल्ली। त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और बाजार में जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य मंत्रालय ने चीनी कारोबारियों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा को आधा करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
15 सितंबर से लागू होगा नया नियम
खाद्य मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 से देशभर में चीनी व्यापारियों और डीलरों को अधिकतम 2,000 क्विंटल तक स्टॉक रखने की अनुमति होगी। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
स्टॉक सीमा कम किए जाने से कारोबारियों के पास लंबे समय तक बड़ी मात्रा में चीनी जमा करके रखने की गुंजाइश कम हो जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे बाजार में नियमित आपूर्ति बनी रहेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
30 दिन में बेचना होगा स्टॉक
सरकार ने केवल स्टॉक लिमिट ही कम नहीं की है, बल्कि चीनी को लंबे समय तक रोककर रखने पर भी पाबंदी लगाई है। नए नियमों के तहत डीलरों को चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर उसका स्टॉक बेचने की व्यवस्था का पालन करना होगा।
यानी कारोबारी 30 दिन से ज्यादा समय तक चीनी को जमा करके नहीं रख सकेंगे। इस कदम का मकसद बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने और जमाखोरी के जरिए कीमतें बढ़ाने की कोशिशों पर लगाम लगाना है।
त्योहारों से पहले सप्लाई बनाए रखने की कोशिश
देश में त्योहारों के दौरान चीनी की मांग आम दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार पहले से ही बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश कर रही है।
स्टॉक लिमिट घटाने और 30 दिन की समय-सीमा लागू करने से बाजार में चीनी का कारोबार तेज होने की उम्मीद है। इससे उपभोक्ताओं को आने वाले त्योहारी सीजन में बढ़ती कीमतों से कुछ राहत मिल सकती है।