नई दिल्ली। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के जरिए किसानों को सीधे आर्थिक सहायता, बुढ़ापे में पेंशन और खेती-किसानी के लिए आसान ऋण जैसी सुविधाएं मिलती हैं। जानकारी के अभाव में कई पात्र किसान इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। ऐसे में किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसका लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी, आधार से बैंक खाते की लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी है। हालांकि, आयकरदाता परिवार, संस्थागत भूमिधारक और कुछ पेशेवर श्रेणियां इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देती है। योजना से जुड़ने वाले पात्र किसानों को 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने ₹3,000 पेंशन मिलती है। इसमें 18 से 40 वर्ष की उम्र के किसान शामिल हो सकते हैं और किसान को उम्र के अनुसार ₹55 से ₹200 तक मासिक योगदान करना होता है। केंद्र सरकार भी बराबर राशि का योगदान करती है।
वहीं, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) किसानों को खेती के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराता है। बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी समेत कृषि जरूरतों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। पशुपालन, डेयरी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन से जुड़े पात्र लाभार्थी भी इसका लाभ उठा सकते हैं। किसान की जमीन, फसल और जरूरत के आधार पर बैंक ऋण सीमा तय करता है और ₹5 लाख तक का लोन मिल सकता है।
इस तरह ये तीनों योजनाएं किसानों को आय सहायता, वृद्धावस्था में पेंशन और खेती के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।