चेन्नई। तमिलनाडु सरकार सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए ‘थायमामन थंगा मोथिरम’ योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को इस योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के तहत 22 जून 2026 से सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम वजन का सोने का छल्ला दिया जाएगा।
योजना के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में समीक्षा बैठक हुई। सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु कल्याण को बढ़ावा देने के साथ सरकारी अस्पतालों में लोगों का विश्वास मजबूत करना है। तमिल संस्कृति में ‘थायमामन सीर’ की परंपरा को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की जा रही है।
सरकार के मुताबिक, तमिलनाडु में हर साल करीब 7.80 लाख बच्चों का जन्म होता है। इनमें 99.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते हैं, जबकि करीब 4.20 लाख यानी 53 प्रतिशत प्रसव सरकारी अस्पतालों में होते हैं।
योजना के तहत प्रत्येक सोने के छल्ले पर यूनिक सीरियल नंबर होगा और इन्हें छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग में रखा जाएगा। पहले चरण में 1.28 लाख सोने के छल्ले खरीदे जा चुके हैं। योजना का लाभ तमिलनाडु की स्थायी निवासी माताओं को मिलेगा। इसके लिए PICME में पंजीकरण और RCH ID होना जरूरी होगा।
22 जून से 28 सितंबर 2026 के बीच सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को भी योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। सरकार ने 28 सितंबर से 107 हब के माध्यम से प्रतिदिन 100 बच्चों को छल्ले वितरित करने की व्यवस्था की है। योजना शुरू होने के बाद सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को अस्पताल से छुट्टी के समय ही सोने का छल्ला दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि योजना से सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलने के साथ मातृ एवं शिशु सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।