दुर्ग। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में महिला प्रधान आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने जांच प्रतिवेदन और साक्ष्यों के आधार पर यह कदम उठाया।
मामला मोहन नगर थाना का है, जहां प्रधान आरक्षक क्रमांक 942 मोनिका सोनी उर्फ मोनिका गुप्ता पदस्थ थीं। आरोप है कि उन्होंने प्रार्थी अजय कुमार साहू की पुत्री पलक साहू से नौकरी लगवाने के बहाने रकम वसूली। मामले में अपराध दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया गया। विभागीय जांच में निरीक्षक श्रद्धा पाठक और एडिशनल एसपी पद्मश्री तंवर ने गवाहों के बयान और साक्ष्य जुटाए, जिनसे आरोप सिद्ध हो गए।
19 जुलाई 2025 को आरोप पत्र देने के बाद भी मोनिका ने निर्धारित समय में अपना पक्ष नहीं रखा। अंतिम स्मरण पत्र 28 जुलाई को भेजा गया, लेकिन उसका भी जवाब नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि मोनिका पर पहले भी लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते कई बार वेतन वृद्धि रोकने और दंडित करने की कार्रवाई हो चुकी थी।
पुलिस नियमावली और सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन करने पर SSP ने उन्हें बर्खास्त कर आदेश की प्रति पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज और संबंधित अधिकारियों को भेज दी। मोनिका 30 दिनों के भीतर इस आदेश के खिलाफ अपील कर सकती हैं।
जांच में स्पष्ट हुआ कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध वसूली की, जो कदाचार और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पुलिस विभाग ने उनके आचरण को सेवा के लिए अयोग्य मानते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई की।