छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्य मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, ” दिल मांगे मोर” का अमर उद्घोष देने वाले परम चक्र विजेता कारगिल युद्ध के महानायक शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को उनकी पुण्यतिथि पर शत-शत नमन ।
9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना की 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स के वीर अधिकारी थे । वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में उन्होंने अदम्य साहस, अद्वितीय नेतृत्व और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण का परिचय देते हुए पॉइंट 5140 तथा पॉइंट 4875 जैसी महत्वपूर्ण चोटियों पर विजय प्राप्त करने में निर्णायक भूमिका निभाई ।
7 जुलाई 1999 को पॉइंट 4875 पर अपने साथियों की रक्षा करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की । उनके अतुलनीय शौर्य और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र प्रदान किया गया ।
उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी राष्ट्रीय की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए समर्पित है । वीर सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करें तथा कैप्टन विक्रम बत्रा के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा का संकल्प ले ।