नई दिल्ली। अमेरिकी राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नेता जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को कड़ी टक्कर देते हुए भारी मतों से पराजित किया। 67 वर्षीय कुओमो ने पहले डेमोक्रेटिक प्राइमरी में हार के बाद स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, परंतु जनता ने ममदानी पर भरोसा जताया।
ट्रंप की चेतावनी और फंड रोकने की धमकी भी नहीं चली
चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ममदानी को “कम्युनिस्ट उम्मीदवार” बताते हुए जनता से उन्हें वोट न देने की अपील की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अगर ममदानी जीतते हैं, तो वे न्यूयॉर्क शहर की फेडरल फंडिंग में कटौती कर देंगे।
ट्रंप ने कहा था— “अगर जोहरान ममदानी जीत गए, तो यह न्यूयॉर्क के लिए आर्थिक और सामाजिक आपदा साबित होगी।”
हालांकि, मतदाताओं ने ट्रंप की इस अपील को नजरअंदाज कर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को भारी बहुमत से विजयी बना दिया।
ऐतिहासिक आंकड़ों में जीत
चुनाव परिणामों के अनुसार, ममदानी को 9,48,202 (50.6%) वोट मिले, जबकि एंड्रयू कुओमो को 7,76,547 (41.3%) वोट हासिल हुए। रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को केवल 1,37,030 वोट मिल पाए।
एनवायसी चुनाव बोर्ड के अनुसार, इस बार 1969 के बाद सर्वाधिक मतदान (दो मिलियन से अधिक वोट) दर्ज हुआ।
सबसे ज्यादा वोट ब्रुकलिन (5.71 लाख) और मैनहट्टन (4.44 लाख) में पड़े, जबकि ब्रोंक्स, क्वींस और स्टेटन द्वीप में भी भारी उत्साह देखा गया।
वर्जीनिया और न्यू जर्सी में भी डेमोक्रेट्स की चमक
न्यूयॉर्क के साथ ही अन्य राज्यों में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया।
वर्जीनिया में अबीगेल स्पैनबर्गर ने गवर्नर चुनाव जीतकर राज्य की पहली महिला गवर्नर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं गजाला हाशमी ने रिपब्लिकन नेता विंसोम अर्ले-सियर्स को हराकर लेफ्टिनेंट गवर्नर का पद जीता।
इसी तरह न्यू जर्सी में मिकी शेरिल ने रिपब्लिकन गवर्नर ग्लेन यंगकिन को मात दी, जिससे डेमोक्रेटिक पार्टी ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत की।
नई पीढ़ी के नेतृत्व की दस्तक
जोहरान ममदानी की जीत न केवल भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अमेरिकी राजनीति में विविधता, प्रगतिशील सोच और युवा नेतृत्व अब केंद्र में आ चुके हैं।
न्यूयॉर्क के मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बदलाव चाहते हैं — ऐसा नेतृत्व जो सामाजिक न्याय, समानता और समावेशिता की दिशा में काम करे।