नई दिल्ली। UPI से पेमेंट करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2000 से अधिक की मर्चेंट पेमेंट पर MDR चार्ज लागू होने की जानकारी सामने आई है। इसको लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं कि बिजली का बिल भरने, ट्रेन की टिकट खरीदने या म्यूचुअल फंड में निवेश करने पर कितना चार्ज लगेगा। NPCI की ओर से जारी FAQ में अलग-अलग सेवाओं के लिए MDR चार्ज की जानकारी दी गई है।
बिजली के बिल पर कितना लगेगा UPI MDR चार्ज?
बिजली का बिल UPI के जरिए जमा करने पर ₹2000 से ज्यादा के पेमेंट पर ₹5 का फिक्स्ड रियायती MDR चार्ज लगेगा। NPCI के अनुसार बिजली वितरण, नगर पालिका के पानी के बिल और पाइप वाली नेचुरल गैस जैसी पब्लिक यूटिलिटी सेवाओं के पेमेंट निर्धारित इंडस्ट्री प्रोग्राम कैटेगरी में आते हैं।
इन सेवाओं के लिए ₹2000 से अधिक के बिल पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत के वेरिएबल रेट के बजाय ₹5 का फिक्स्ड MDR चार्ज निर्धारित किया गया है।
₹5000 के बिजली बिल पर कितना चार्ज?
मान लीजिए किसी उपभोक्ता का बिजली का बिल ₹5000 है और वह UPI के जरिए भुगतान करता है। ऐसे में इस पेमेंट पर ₹5 का MDR चार्ज लगेगा।
हालांकि, यह चार्ज बिजली का बिल भरने वाले ग्राहक को नहीं देना होगा। MDR चार्ज मर्चेंट यानी बिजली विभाग को देना होगा, जो UPI के जरिए पेमेंट प्राप्त कर रहा है।
₹2000 या उससे कम के बिल पर कोई चार्ज नहीं
अगर बिजली का बिल ₹2000 या उससे कम है, तो उस पर कोई MDR चार्ज नहीं लगेगा। यानी ₹1500 या ₹2000 के बिजली बिल का UPI से भुगतान करने पर इस नियम के तहत MDR नहीं लगेगा।
बिजली बिल पर MDR चार्ज का उदाहरण
| बिजली बिल की राशि | MDR चार्ज |
| ₹1500 | ₹0 |
| ₹2000 | ₹0 |
| ₹2500 | ₹5 |
| ₹5000 | ₹5 |
| ₹10,000 | ₹5 |
ग्राहकों को क्या समझना जरूरी है?
UPI से बिजली का बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को इस MDR चार्ज को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। दी गई जानकारी के अनुसार ₹2000 से अधिक के यूटिलिटी बिल पेमेंट पर ₹5 का चार्ज बिजली विभाग यानी पेमेंट रिसीव करने वाले मर्चेंट पर लगेगा, ग्राहक पर नहीं।
अलग-अलग प्रकार की मर्चेंट पेमेंट के लिए MDR की दरें अलग हो सकती हैं। इसलिए ट्रेन टिकट, म्यूचुअल फंड और अन्य सेवाओं के पेमेंट पर लागू नियम बिजली के बिल से अलग हो सकते हैं।