नई दिल्ली : भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से बुधवार को एक अहम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस दौरान निर्मला सीतारमण और वियतनाम के वित्त मंत्री न्गो वान तुआन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक में दोनों देशों के बीच पिछले एक दशक से जारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आपसी सहयोग के जरिए आर्थिक स्थिरता और विकास को नई गति दी जा सकती है।
वियतनाम ने खास तौर पर तकनीक, नवाचार, ऊर्जा और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने की इच्छा जताई। वहीं भारत ने अपने आर्थिक सुधारों और विकास मॉडल की जानकारी साझा की, जिसमें टैक्स सुधार, एमएसएमई को प्रोत्साहन और सार्वजनिक निवेश के जरिए विकास को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं।
बैठक में भारत की ओर से छोटे और मझोले उद्योगों को समर्थन देने वाली योजनाओं, ब्याज सब्सिडी, सरकारी खरीद नीति और कौशल विकास से जुड़ी पहलों पर भी प्रकाश डाला गया। साथ ही, कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए अपनाए गए तकनीकी उपायों की जानकारी भी साझा की गई।
इसके अलावा वित्त मंत्रालय की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बनाए गए आधुनिक प्लेटफॉर्म ‘पीएम गति शक्ति’ का भी उल्लेख किया गया, जिसमें वियतनाम ने विशेष रुचि दिखाई।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई और यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और व्यापक बनाया जाएगा।