नई दिल्ली। देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अहम बैठक मंगलवार को संसद भवन एनेक्सी में आयोजित होगी। बैठक में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) के आधुनिकीकरण, उनकी कार्यक्षमता और भारतीय सेनाओं की भविष्य की जरूरतों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ सांसद राधा मोहन सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में रक्षा मंत्रालय और विभिन्न रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारियों द्वारा समिति के समक्ष रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, पुराने रक्षा उपक्रमों के आधुनिकीकरण और उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने को लेकर प्रस्तुति दी जाएगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह समीक्षा करना है कि सरकारी रक्षा उपक्रम आधुनिक सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए कितने सक्षम हैं और उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप कैसे विकसित किया जा सकता है। इसके साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श होगा।
इससे पहले 24 जून को रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में देश की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करने में भारतीय सेना की भूमिका पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने समिति के समक्ष अपनी रणनीतिक प्रस्तुति दी थी और रक्षा तैयारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई थी।
संसदीय समितियां इन दिनों रक्षा और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। हाल ही में वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) यानी डिजिटल रुपये की प्रगति और उसके प्रभाव की भी समीक्षा की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में जब भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी हथियार निर्माण और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है, वहीं आर्थिक क्षेत्र में डिजिटल भुगतान और वित्तीय नवाचार को भी मजबूत किया जा रहा है। ऐसे में संसदीय समितियों की ये बैठकें भविष्य की नीतियों और रणनीतियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।