रायपुर,। न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से करीब तीन साल तक दुष्कर्म, गर्भवती करने और उसकी वास्तविक पहचान छिपाकर अस्पताल में प्रसव कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पीड़िता के पिता और बुआ समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रसव के बाद नवजात बेटे को कथित तौर पर करीब 1.10 लाख रुपये में दूसरे व्यक्ति को सौंपा गया था। पुलिस ने बच्चे को बरामद कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से कम थी। पीड़िता ने 17 अगस्त को न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 में उसके पिता ने अमलीडीह स्थित एक रिश्तेदार के घर में जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना के बाद पिता लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा और किसी को जानकारी देने पर उसे धमकाया जाता था।
गर्भपात की दवा खिलाने का भी आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, पीड़िता के गर्भवती होने की जानकारी जब उसकी बुआ को हुई तो उसने यह बात पिता को बताई। आरोप है कि इसके बाद पिता गर्भपात की दवा लेकर आया और बुआ की मदद से पीड़िता को मारपीट कर दवा खिलाई गई। इसके बाद उसका गर्भपात हो गया।
कुछ समय बाद दोबारा शारीरिक शोषण किए जाने का आरोप है, जिसके चलते वर्ष 2025 में पीड़िता फिर गर्भवती हो गई। गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद उसे बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल के घर ले जाया गया। इसके बाद पीड़िता को योगिता राय उर्फ गीता राय के घर भेजा गया, जहां वह करीब दो महीने तक रही।
उम्र और पहचान छिपाकर अस्पताल में कराया भर्ती
पुलिस की जांच में सामने आया कि पीड़िता की वास्तविक उम्र छिपाकर उसे बालिग और विवाहित बताया गया। कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे चंगोराभाठा स्थित वासुदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऑपरेशन के बाद पीड़िता ने एक बेटे को जन्म दिया।
पुलिस के अनुसार, प्रसव के बाद नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया। जांच में बच्चे को करीब 1.10 लाख रुपये में दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने नवजात को सकुशल बरामद कर लिया है। अब रकम के लेनदेन और नवजात को लेने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
नर्सों की भूमिका भी जांच के घेरे में
मामले में गिरफ्तार योगिता राय उर्फ गीता राय और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल के नर्स के रूप में काम करने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस यह जांच कर रही है कि नाबालिग को बालिग और विवाहित बताकर अस्पताल में भर्ती कराने तथा कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में उनकी क्या भूमिका थी।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ आरोपितों के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में काम करने की जानकारी भी मिली है। पुलिस अस्पताल में भर्ती से लेकर प्रसव और नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंपे जाने तक की पूरी कड़ी को खंगाल रही है।
पुराने मामलों की भी जांच
पुलिस को आशंका है कि आरोपितों ने इससे पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया हो सकता है। इसी के चलते आरोपितों के मोबाइल फोन, संपर्कों, अस्पतालों में आने-जाने और पूर्व में कराए गए प्रसव से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं किसी अन्य नाबालिग या महिला की उम्र और पहचान बदलकर उसे अस्पताल में भर्ती तो नहीं कराया गया।
न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने मामले में पीड़िता के पिता, उसकी बुआ, रोहित कुमार राय (35), साहेब मंडल (42), योगिता राय उर्फ गीता राय (32) और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल (34) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपितों की भूमिका, कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अस्पताल में भर्ती कराने और नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंपने से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।