IND vs SL: गॉल के ‘किंग’ से सावधान टीम इंडिया, प्रभात जयसूर्या बन सकते हैं बड़ी चुनौती

स्पोर्ट्स डेस्क: भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले मुकाबले से पहले टीम इंडिया के सामने श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या के रूप में बड़ी चुनौती है। बाएं हाथ के स्पिनर जयसूर्या को गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में शानदार रिकॉर्ड के कारण ‘किंग ऑफ गॉल’ के नाम से जाना जाता है। खास बात यह है कि भारतीय बल्लेबाजों ने अब तक टेस्ट क्रिकेट में उनका सामना नहीं किया है। ऐसे में वह टीम इंडिया के लिए एक नई पहेली साबित हो सकते हैं।

गॉल में जयसूर्या का शानदार रिकॉर्ड

34 वर्षीय प्रभात जयसूर्या ने 23 टेस्ट मैचों में 125 विकेट हासिल किए हैं। इनमें से 81 विकेट उन्होंने अकेले गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में लिए हैं। उनके 12 पांच विकेट हॉल में से आठ इसी मैदान पर आए हैं।

गॉल में जयसूर्या का दबदबा इस बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने अपने टेस्ट डेब्यू पर ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोनों पारियों में पांच या उससे अधिक विकेट लिए थे। उन्होंने उस मुकाबले में कुल 12 विकेट चटकाए थे।

हवा के साथ गेंद को ड्रिफ्ट कराने में माहिर

गॉल की परिस्थितियां स्पिन गेंदबाजों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। हिंद महासागर की तरफ से आने वाली तेज हवाएं पिच को क्रॉस करती हैं, जिसका फायदा अनुभवी स्पिनर गेंद को हवा में ड्रिफ्ट कराने के लिए उठा सकते हैं।

जयसूर्या इन परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं। उनकी स्लो लेफ्ट आर्म गेंदबाजी और गेंद को हवा में घुमाने की क्षमता भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।

50 और 100 विकेट के आंकड़े भी खास

प्रभात जयसूर्या ने सिर्फ सात टेस्ट मैचों में अपने 50 टेस्ट विकेट पूरे कर लिए थे। वह सबसे कम टेस्ट मैचों में 50 विकेट लेने वाले स्पिनर हैं। अप्रैल 2023 में आयरलैंड के खिलाफ गॉल टेस्ट में उन्होंने 100 टेस्ट विकेट भी पूरे किए।

प्रभात के नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी 489 विकेट हैं। टेस्ट क्रिकेट में वह श्रीलंका के लिए सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल हैं।

कैसे निपट सकते हैं भारतीय बल्लेबाज?

भारतीय बल्लेबाजों को जयसूर्या के खिलाफ सिर्फ रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय समझदारी से आक्रामक बल्लेबाजी करनी होगी। पैरों का बेहतर इस्तेमाल करके उन्हें गेंद की लेंथ बिगाड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है। अगर बल्लेबाज क्रीज से बाहर निकलकर या स्ट्राइक रोटेट करके दबाव बनाए रखते हैं तो जयसूर्या को अपनी ट्रैजेक्टरी में बदलाव करना पड़ सकता है।

हालांकि, टीम इंडिया के लिए राहत की बात यह भी है कि जून 2025 में गॉल में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेले गए मुकाबले में जयसूर्या सिर्फ एक विकेट हासिल कर सके थे और बांग्लादेश ने मैच ड्रॉ करा लिया था।

अब भारत के खिलाफ गॉल में उनका प्रदर्शन काफी अहम रहने वाला है। भारतीय बल्लेबाज अगर शुरुआत से ही उनकी गेंदबाजी के खिलाफ सही रणनीति अपनाते हैं तो ‘किंग ऑफ गॉल’ के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *