नई दिल्ली। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ को लेकर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा है कि वह इस समझौते से जुड़े घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही पाकिस्तान और सोमालिया के बीच हाल में हुए रक्षा सहयोग समझौते पर भी भारत ने निगरानी रखने की बात कही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, “हम इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।”
क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता?
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने हाल ही में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते के तहत यदि तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
इस समझौते को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों में बदलाव की संभावनाओं के बीच भारत सहित कई देश घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
पाकिस्तान-सोमालिया रक्षा समझौते पर भी भारत की नजर
पाकिस्तान और सोमालिया के बीच भी हाल में इस्लामाबाद में रक्षा सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा क्षमता विकास और व्यापक सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
इस पर भारत का रुख पूछे जाने पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान से जुड़े सोमालिया के घटनाक्रमों पर भारत लगातार करीबी नजर रख रहा है।
भारत-अफ्रीका संबंधों पर भी विदेश मंत्रालय का जोर
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन को लेकर भी सवाल पूछा गया। यह सम्मेलन अफ्रीका में प्रतिकूल स्वास्थ्य परिस्थितियों के चलते कुछ महीने पहले स्थगित किया गया था।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के अफ्रीकी देशों के साथ मजबूत और ऐतिहासिक संबंध हैं। उन्होंने बताया कि भारत का अफ्रीका के साथ विकास सहयोग लगातार जारी है और यह ग्लोबल साउथ की एकजुटता तथा दक्षिण-दक्षिण सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
‘अफ्रीका दिवस पर बड़ा समारोह आयोजित किया गया’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने अफ्रीका दिवस पर एक बड़ा समारोह आयोजित किया था। हर साल भारत अफ्रीका के साथ अपनी एकजुटता, समर्थन और साझेदारी को उत्साह के साथ मनाता है। इस वर्ष विदेश मंत्री ने भी अफ्रीका दिवस समारोह में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि भारत के अफ्रीका के अधिकांश देशों और पूरे महाद्वीप के साथ बेहद मजबूत और ऐतिहासिक संबंध हैं।
अगला भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन जल्द होने की उम्मीद
भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन के बारे में जायसवाल ने कहा कि सम्मेलन को अफ्रीकी संघ के साथ परामर्श के बाद स्थगित किया गया था। भारत ने अफ्रीकी देशों के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी और सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
भारत को उम्मीद है कि अगला भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक तारीख पर आयोजित किया जाएगा।