नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आगामी 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इसकी घोषणा की। दोनों देशों ने इस समझौते पर 27 अप्रैल को हस्ताक्षर किए थे। समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर (करीब 1.66 लाख करोड़ रुपये) का निवेश भी करेगा।
समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय निर्यात की 100 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य सीमा शुल्क देगा। इससे कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है। वर्तमान में कुछ भारतीय उत्पादों पर न्यूजीलैंड में 10 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है, जो समझौते के लागू होने के बाद समाप्त हो जाएगा।
भारत ने दूसरी ओर डेयरी, चीनी और संवेदनशील कृषि उत्पादों समेत करीब 29.97 प्रतिशत संवेदनशील टैरिफ लाइनों को समझौते से बाहर रखा है। कुछ उत्पादों पर शुल्क तत्काल समाप्त होगा, जबकि वाइन, दवाओं, पॉलिमर और स्टील जैसे उत्पादों पर अगले 3 से 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से शुल्क कम किया जाएगा।
छात्रों और युवाओं को भी फायदा
FTA में भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। अस्थायी रोजगार वीजा के तहत हर साल 5,000 कुशल भारतीयों को तीन साल तक काम करने का अवसर मिलेगा। इसमें आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा, आयुष, योग और शेफ जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वहीं, वर्किंग हॉलिडे वीजा के तहत हर साल 1,000 युवा 12 महीने तक न्यूजीलैंड में रह सकेंगे।
न्यूजीलैंड में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों को पढ़ाई के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे काम करने की अनुमति होगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें लंबी अवधि का पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा भी मिलेगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने समझौते को अपने पुराने चुनावी वादे की पूर्ति बताया है।