वैश्विक दबाव बेअसर, ट्रंप टैरिफ के बावजूद तेज़ी से बढ़ेगी भारत की GDP

नई दिल्ली: देश की अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार के ताजा अनुमान उत्साहजनक संकेत दे रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी पहले अग्रिम आकलन में बताया गया है कि भारत की आर्थिक वृद्धि में तेज़ी आ सकती है और जीडीपी ग्रोथ 7.4 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में यह दर 6.5 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, अगले वित्त वर्ष में नॉमिनल जीडीपी की वृद्धि लगभग 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सेवा क्षेत्र एक बार फिर ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनकर उभर सकता है। वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, प्रोफेशनल सेवाएं, सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं में संयुक्त रूप से करीब 9.9 प्रतिशत की मजबूत बढ़त देखी जा सकती है।

व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी गतिविधियों में भी तेजी बने रहने की संभावना है, जहां वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। औद्योगिक क्षेत्र की बात करें तो मैन्युफैक्चरिंग और निर्माण गतिविधियों में 7 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है, जहां वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत आंकी गई है। वहीं बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य यूटिलिटी सेवाओं में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना जताई गई है।

उपभोग और निवेश के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। निजी अंतिम उपभोग व्यय में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है, जबकि सरकारी अंतिम उपभोग व्यय 5.2 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। विदेशी व्यापार के लिहाज से निर्यात में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई गई है, वहीं आयात में 14.4 प्रतिशत तक उछाल आने का अनुमान है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में देश की शुद्ध राष्ट्रीय आय 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति जीडीपी में भी 6.5 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है। कुल मिलाकर, ये अनुमान भारत की अर्थव्यवस्था के मजबूत और स्थिर बने रहने की तस्वीर पेश करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *