नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2026 तक हिंद महासागर क्षेत्र के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीपीय देश सेशल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर रहेंगे। करीब 11 वर्षों बाद हो रही यह उनकी दूसरी आधिकारिक सेशल्स यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री सेशल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मीनी के विशेष आमंत्रण पर वहां पहुंचेंगे और राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, विकास साझेदारी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता होगी।
राष्ट्रीय दिवस समारोह में दिखेगी भारत की सैन्य शक्ति
सेशल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों की विशेष सैन्य टुकड़ी परेड में हिस्सा लेगी। इसके साथ ही भारतीय नौसेना के दो आधुनिक युद्धपोत भी समारोह के दौरान सेशल्स पहुंचेंगे। इसे दोनों देशों के मजबूत रक्षा संबंधों और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मीनी से होगी द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मीनी के बीच होने वाली बैठक में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, क्षमता निर्माण, ब्लू इकोनॉमी तथा हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा होगी। दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने पर भी विचार करेंगे।
हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदार है सेशल्स
हिंद महासागर में स्थित सेशल्स भारत की SAGAR (Security and Growth for All in the Region) नीति का महत्वपूर्ण साझेदार है। भारत लंबे समय से सेशल्स के बुनियादी ढांचे के विकास, तटरक्षक बल की क्षमता बढ़ाने, समुद्री निगरानी और रक्षा सहयोग में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों से निपटने में भी दोनों देशों का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है।
संसद को करेंगे संबोधित, प्रवासी भारतीयों से भी मिलेंगे
तीन दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशल्स की संसद को संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे वहां रह रहे भारतीय मूल के लोगों और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।
व्यापार और विकास सहयोग को मिलेगा नया आयाम
यात्रा के दौरान व्यापार, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण और विकास परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत छोटे द्वीपीय विकासशील देशों की जरूरतों को वैश्विक मंचों पर लगातार प्रमुखता से उठाता रहा है और यह यात्रा उसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा केवल एक राजकीय यात्रा नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक नीति, समुद्री सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।