नई दिल्ली। एशियन गेम्स का 20वां संस्करण इस बार जापान के आईची-नागोया में आयोजित होने जा रहा है। एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होगा। भारतीय दल भी इस बड़े खेल आयोजन में दमदार प्रदर्शन के लिए तैयार है। भारत का एशियन गेम्स के साथ बेहद पुराना और गौरवशाली इतिहास रहा है।
एशियन गेम्स की शुरुआत साल 1951 में भारत की मेजबानी में हुई थी। पहले संस्करण में 11 देशों ने हिस्सा लिया था। आज ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के सभी 45 सदस्य देश नियमित रूप से इस प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिसने एशियन गेम्स के हर संस्करण में हिस्सा लिया है।
पहले एशियन गेम्स में भारत ने जीते थे 51 पदक
1951 में आयोजित पहले एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 51 पदक जीते थे। इनमें 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल थे। इसके बाद से भारतीय एथलीट लगातार एशियन गेम्स में देश का नाम रोशन करते रहे हैं।
भारत के लिए अब तक का सबसे सफल एशियन गेम्स संस्करण हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स 2022 रहा। भारतीय दल ने यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए 28 स्वर्ण, 38 रजत और 40 कांस्य सहित कुल 106 पदक अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था।
एशियन गेम्स में भारत पांचवें स्थान पर
एशियन गेम्स के इतिहास में सर्वाधिक पदक जीतने वाले देशों की सूची में भारत पांचवें स्थान पर है। पिछले 19 संस्करणों में भारतीय खिलाड़ियों ने 183 स्वर्ण, 238 रजत और 357 कांस्य सहित कुल 778 पदक जीते हैं।
भारत को सबसे ज्यादा सफलता एथलेटिक्स में मिली है। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने 85 स्वर्ण, 102 रजत और 96 कांस्य सहित कुल 283 पदक जीते हैं। इसके बाद निशानेबाजी में 80, कुश्ती में 65 और मुक्केबाजी में 61 पदक भारत के नाम हैं।
पीटी उषा हैं भारत की सबसे सफल एथलीट
एशियन गेम्स के इतिहास में भारत की सबसे सफल एथलीट पीटी उषा रही हैं। उन्होंने एशियन गेम्स में कुल 11 पदक जीते हैं, जिनमें 4 स्वर्ण और 7 रजत पदक शामिल हैं। उनकी उपलब्धियां भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में बेहद खास मानी जाती हैं।
चीन सबसे आगे, भारत के पास चौथे स्थान का मौका
एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले देशों में चीन पहले स्थान पर है। चीन ने 1,674 स्वर्ण, 1,105 रजत और 791 कांस्य सहित कुल 3,570 पदक जीते हैं। जापान 3,242 पदकों के साथ दूसरे, दक्षिण कोरिया 2,425 पदकों के साथ तीसरे और ईरान 611 पदकों के साथ चौथे स्थान पर है।
भारत के कुल पदकों की संख्या ईरान से ज्यादा है, लेकिन ईरान के स्वर्ण पदक अधिक होने के कारण वह पदक तालिका में भारत से ऊपर है।
2026 में रिकॉर्ड सुधारने पर नजर
एशियन गेम्स 2026 भारतीय दल के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण होने वाला है। भारत के पास शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को स्वर्ण पदकों की संख्या के मामले में पीछे छोड़कर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल करने का मौका है। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी हांगझोऊ में बनाए गए 106 पदकों के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी बेहतर करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।