नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी तीन दिवसीय चीन यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping से द्विपक्षीय व्यापार, मिडिल ईस्ट संकट और ताइवान समेत कई वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। यात्रा के बाद ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य हर हाल में खुला रहना चाहिए।
चीन से रवाना होने के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का प्रभाव बना हुआ है और क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी के कारण ईरान को पिछले ढाई हफ्तों में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
ईरान पर सख्त रुख
ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी और शी चिनफिंग की सोच काफी हद तक समान है। ट्रंप के मुताबिक दोनों नेताओं ने यह भी माना कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना बेहद जरूरी है।
ताइवान मुद्दे पर भी हुई चर्चा
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ताइवान को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच विस्तार से बातचीत हुई। उनके अनुसार, शी चिनफिंग नहीं चाहते कि ताइवान में स्वतंत्रता को लेकर किसी प्रकार का संघर्ष हो, क्योंकि इससे बड़ा क्षेत्रीय टकराव पैदा हो सकता है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति की बातों को गंभीरता से सुना और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर अच्छी समझ बनी है।
हथियार बिक्री पर जल्द फैसला संभव
पत्रकारों ने ट्रंप से ताइवान को अमेरिकी हथियार बिक्री और 1982 के समझौते को लेकर भी सवाल पूछे। इस पर ट्रंप ने कहा कि वह समझौता काफी पुराना हो चुका है और वर्तमान हालात अलग हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि ताइवान को हथियारों की बिक्री पर भी चीन के साथ चर्चा हुई है और वह इस मुद्दे पर जल्द निर्णय ले सकते हैं।
ट्रंप ने चीन यात्रा को “बेहद सफल” बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही और दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बेहतर समझ विकसित हुई है।