नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से अमेरिका और इजराइल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि ईरान आतंकवादी नहीं है, बल्कि उसके नागरिक खुद हमलों का शिकार हुए हैं। पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा।
‘ईरान ने आतंक नहीं फैलाया, अपना बचाव किया’
अपने संबोधन के दौरान पेजेश्कियान ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और मीनाब के एक स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें भी दिखाईं। उन्होंने कहा कि ईरान ने किसी पर आतंक नहीं थोपा, बल्कि उसने अपने लोगों की रक्षा के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
ईरानी राष्ट्रपति ने मीनाब के शाजरेह तैय्यबेह स्कूल पर हुए हमले का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, इस हमले में बड़ी संख्या में बच्चे मारे गए। संयुक्त राष्ट्र की हालिया जांच के मुताबिक, 28 फरवरी को हुए इस हमले में 156 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 120 बच्चे और 26 शिक्षक शामिल थे। हालांकि, अमेरिका ने इस हमले में जानबूझकर स्कूल को निशाना बनाने से इनकार किया है।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान का रुख स्पष्ट
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल करने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इजराइल के परमाणु हथियारों को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम की लगातार जांच क्यों की जाती है।
उन्होंने कहा कि दबाव, प्रतिबंध और धमकियों के जरिए ईरान के अधिकारों को खत्म नहीं किया जा सकता। ईरानी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि उनका देश अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है।
फिलिस्तीन और गाजा का मुद्दा भी उठाया
पेजेश्कियान ने अपने भाषण में गाजा और फिलिस्तीन के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के मुद्दे को नजरअंदाज कर मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित नहीं की जा सकती। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के बावजूद फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा और कब्जे के मुद्दे पर भी चिंता जताई।
‘दबाव और धमकी के आगे नहीं झुकेंगे’
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है, लेकिन दबाव, धमकी और सैन्य ताकत की भाषा को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी दबाव से ईरानी लोगों का रुख नहीं बदलेगा और ईरान अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल को लेकर भी स्थिति साफ
इस बीच, UNGA में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बाहर जाने को लेकर सामने आई कुछ खबरों के बीच स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 22 सितंबर को डोनाल्ड ट्रंप के UNGA भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य हॉल से बाहर चले गए थे। उस समय पेजेश्कियान और ईरानी विदेश मंत्री हॉल में मौजूद नहीं थे। इसलिए इसे पेजेश्कियान के भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बाहर जाने के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।