तेल अवीव/तेहरान। इजरायल और ईरान के बीच पिछले 24 घंटों में हुए भीषण सैन्य टकराव के बाद हालात में फिलहाल कुछ राहत के संकेत मिले हैं। इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि इस समय इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपने हमले रोक दिए हैं। हालांकि उन्होंने किसी औपचारिक युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा नहीं की, लेकिन स्पष्ट संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई फिलहाल थम गई है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल की कार्रवाई के बाद ईरान ने भी हमले रोक दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान भविष्य में कोई हमला करता है तो इजरायल उसका पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने दोहराया कि देश अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और नेतन्याहू के बीच पिछले 24 घंटों में दो बार फोन पर बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने इजरायल से तनाव कम करने और कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने की अपील की है। बताया जा रहा है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में शांति बहाली और ईरान के साथ व्यापक समझौते की दिशा में प्रयास कर रहा है।
हालिया तनाव तब बढ़ा जब इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान इजरायल ने ईरान के कई रणनीतिक और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने भी पलटवार किया।
संघर्ष के बीच ईरान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि वह फिलहाल सैन्य कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाना चाहता। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि यदि इजरायल आगे हमला नहीं करता तो तेहरान भी संयम बरतेगा। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी नई कार्रवाई का जवाब पहले से अधिक कठोर होगा।
फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी नए औपचारिक युद्धविराम समझौते की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों पक्षों द्वारा हमले रोकने के संकेत मिलने से क्षेत्र में तनाव कुछ कम होता दिखाई दे रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और किसी भी नई घटना से हालात फिर बिगड़ सकते हैं।
पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं। अमेरिका समेत कई देश क्षेत्र में स्थायी समाधान और व्यापक समझौते की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि मौजूदा विराम अस्थायी है या किसी बड़े कूटनीतिक समाधान की शुरुआत।