किताबों के महाकुंभ का आगाज़—भारत मंडपम में नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 आज से शुरू

नई दिल्ली |  नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में शनिवार से दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में से एक नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026 की शुरुआत हो गई। इस अंतरराष्ट्रीय मेले के साथ ही किताबों, विचारों, रचनात्मक संवाद और संस्कृतियों के आदान-प्रदान का भव्य मंच सज गया है। मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया।

इस वर्ष पुस्तक मेले की थीम ‘भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और ज्ञान @ 75’ रखी गई है, जिसके तहत देश की रक्षा सेनाओं की गौरवशाली परंपरा, ऐतिहासिक उपलब्धियों और बलिदानों को साहित्य व विमर्श के माध्यम से प्रस्तुत किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सहभागिता से सजा मेला

आयोजकों के अनुसार, इस संस्करण में वैश्विक भागीदारी को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया है। कतर को गेस्ट ऑफ ऑनर और स्पेन को फोकस कंट्री के रूप में आमंत्रित किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय साहित्य, संस्कृति और विचारों को भारतीय पाठकों के और करीब लाया जा सके।

पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर का यह 53वां संस्करण भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग किताबों और साहित्य से जुड़ सकें। यह आयोजन 18 जनवरी तक चलेगा।

आंकड़ों में भव्यता

इस वैश्विक साहित्यिक मेले में 35 से अधिक देशों की भागीदारी, 1000 से ज्यादा प्रकाशक, 3000 से अधिक स्टॉल, लगभग 600 साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और 1000 से अधिक वक्ता शामिल हैं। लेखक-पाठक संवाद, पुस्तक विमोचन, पैनल चर्चाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले का मुख्य आकर्षण हैं।

लेखकों, पाठकों और प्रकाशकों का साझा मंच

नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर 2026 लेखकों, प्रकाशकों और पाठकों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां ज्ञान, कहानियों और विचारों का जीवंत संगम देखने को मिलता है। कालजयी साहित्य से लेकर समकालीन लेखन, बाल साहित्य, अनुवाद और विचारोत्तेजक चर्चाओं तक, यह मेला हर वर्ग के पाठकों को नई सोच और नए दृष्टिकोण से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

यह आयोजन न केवल किताबों का उत्सव है, बल्कि पढ़ने की आदत को मजबूत करने और बौद्धिक संवाद को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल भी है।

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