नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देश में अशांति और विध्वंसक हमलों की कथित साजिश के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी शहजाद भट्टी नेटवर्क के मंसूबों को समय रहते नाकाम कर दिया गया।
गृह मंत्रालय के अनुसार, विभिन्न राज्यों की पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने रियल-टाइम इनपुट के आधार पर 14 राज्यों में व्यापक अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और 80 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए।
IED, कारतूस और विदेशी हथियार बरामद
छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध ठिकानों से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस, विदेशी पिस्तौल और पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड बरामद किए। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों की निगरानी और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सीसीटीवी कैमरे भी जब्त किए गए।
असम STF की जांच से सामने आया नेटवर्क
जांच की शुरुआत असम के नलबारी से जुड़े खुफिया इनपुट से हुई थी। इसके बाद 24 और 25 जुलाई को असम पुलिस की STF ने धुबरी, चिरांग और बारपेटा में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से जुड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक और पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद हुए।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क पर युवाओं को ऑनलाइन प्रभावित करने, अवैध हथियारों की तस्करी, फंड जुटाने, जासूसी और स्लीपर सेल तैयार करने जैसी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
कई कथित फ्रंट संगठनों के इस्तेमाल का दावा
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि नेटवर्क कथित तौर पर एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए सीमा पार मौजूद हैंडलर्स के संपर्क में था। जांच एजेंसियों के अनुसार, अपनी वास्तविक पहचान और संपर्कों को छिपाने के लिए अलग-अलग नामों वाले कथित फ्रंट संगठनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आए इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके वित्तीय तथा डिजिटल संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य देश में संभावित आतंकी गतिविधियों को समय रहते रोकना और नेटवर्क की पूरी श्रृंखला को ध्वस्त करना है।