नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। इस दौरान लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ का गायन भी हुआ।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में सस्ता सामान उपलब्ध हो सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती। भारत को अपने हितों की सुरक्षा स्वयं करने और हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने तेजी से प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और भारत दुनिया की प्रमुख तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प को रोकना अब मुश्किल है। भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने वाला देश नहीं है। देश ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने का संकल्प लिया है।
मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल पर जोर
प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हर भारतीय इन विचारों से जुड़ रहा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और वहां से निर्यात भी शुरू हो गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा की जरूरत और बढ़ेगी। ऐसे में एनर्जी सिक्योरिटी भारत के लिए बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य का उल्लेख किया। साथ ही समुद्र में तेल और गैस के नए भंडार तलाशने के प्रयासों की भी जानकारी दी।
रेलवे और सौर ऊर्जा में बड़ी प्रगति
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में रेलवे के करीब 70 प्रतिशत हिस्से का विद्युतीकरण हो चुका है। उन्होंने हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का भी जिक्र किया।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश की सौर ऊर्जा क्षमता करीब 2 गीगावॉट थी, जो अब बढ़कर 160 गीगावॉट तक पहुंच गई है।
किसानों, युवाओं और महिलाओं पर जताया भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें देश के किसानों, युवाओं और महिलाओं पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म केवल नीति नहीं, बल्कि सरकार के लिए एक संकल्प है और देश अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ चुका है।
उन्होंने काम करने की गति बढ़ाने और वर्क कल्चर में बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
युवा शक्ति पर रहा विशेष फोकस
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवा शक्ति को विशेष महत्व दिया गया। करीब 5,000 विशेष अतिथियों को समारोह में आमंत्रित किया गया। इनमें युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप से जुड़े युवा, पीएम इंटर्नशिप योजना के इंटर्न, कौशल विकास योजना से प्रशिक्षित युवा, My Bharat वॉलंटियर्स और विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यार्थी शामिल रहे।
राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे लाल किले पहुंचे, जहां रक्षा मंत्री ने उनका स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि भारत को अपनी क्षमताओं के बल पर आत्मनिर्भर बनाते हुए विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ना है।