गाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश से गाजीपूर ब्युरो मोहन तिवारी :-

गाजीपुर | न्यायालय गाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लोक अदालत से समय की बचत होती है और लंबे समय से लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण होता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।

जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत की सफलता के लिए अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण करने और सुलह समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत, अपर जिला जज, कोर्ट संख्या-1, गाजीपुर ने बताया कि आज की लोक अदालत किसानों, मजदूरों और सीमा पर तैनात जवानों को समर्पित है। छोटे प्रकरणों में पक्षकारों के बीच विद्यमान वैमनस्यता समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,39,292 मामले निस्तारित किए जाने के लिए नियत थे, जिनमें से सुलह समझौते और स्वीकृति के आधार पर 1,24,075 मामले अंतिम रूप से निस्तारित किए गए। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13,462 मामले और बैंक एवं अन्य विभागों द्वारा 1,10,613 मामले निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय द्वारा 3 विवाहित जोड़ो को सुलह कर विदाई दी गई। बैंकों द्वारा लगभग 10 करोड़ 95 लाख रुपये के मामले इस लोक अदालत में निस्तारित किए गए।

इस अवसर पर वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशन हेतु शिविर लगाया गया और मेडिकल कैम्प में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहे। इसके अलावा बिजली बिल, गृहकर, जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित पंडाल लगाए गए। जनपद न्यायाधीश ने कुछ दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और बैसाखी का वितरण भी किया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद का सबसे पुराना आरबिट्रेशन वाद संख्या 13/2014 (महेन्द्रा एंड महेन्द्रा बनाम माता अमरावती विद्यालय) लगभग 11 वर्षों से लंबित था, इसे पक्षों के मध्य सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किया गया। प्रकरण के अधिवक्ताओं को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पी.ओ. एम.ए.सी.टी संजय हरिशुक्का, अपर जिला जज अली रजा, अभिमन्यू सिंह, रामअवतार प्रसाद, अलख कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, सिविल जज सी.डि. अमित कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिपेन्द्र कुमार गुप्ता, सिविल जज सी.डि. एफ.टी.सी. अर्चना, सिविल जज जूडि. बेतांक चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट हार्दिक सिंह, अपर सिविल जज जू.डि. अनन्त कुमार, दीक्षा त्रिपाठी, मेहनाज खान, मनी वर्मा, श्वेता नैन, शिवानी, संदेश कुमार पासवान, सोनाली प्रिया गौर और रंजना देवी, बार के पदाधिकारीगण, न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारी उपस्थित रहे।

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