बस्तर में नक्सलवाद समाप्त, विकास के नए युग की शुरुआत: अमित शाह

जगदलपुर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जगदलपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा करते हुए कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के भय से पूरी तरह मुक्त हो चुका है और यहां विकास के नए युग की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक जिस क्षेत्र में बंदूक और डर का साया था, वहां अब लोग खुलकर सांस ले रहे हैं और उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और उम्मीद साफ दिखाई देती है।

अपने संबोधन में गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और उसके बाद विकास योजनाओं की रूपरेखा बताते हुए चार महत्वपूर्ण तिथियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को नई गति मिली।

शाह ने दावा किया कि पहले राज्य में कांग्रेस सरकार के कारण केंद्र को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद बचे हुए नक्सलवाद को खत्म करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया।

उन्होंने 24 अगस्त 2024 का जिक्र करते हुए बताया कि इस दिन सभी राज्यों के डीजी की बैठक के बाद देश को 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया था। गृह मंत्री के अनुसार, सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम के चलते यह लक्ष्य तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया।

गृह मंत्री ने 19 मई 2026 को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह धारणा रही कि विकास न पहुंचने से नक्सलवाद फैला, जबकि वास्तविकता यह थी कि नक्सलवाद ने ही विकास को बाधित किया।

उन्होंने बताया कि हाल ही में ‘शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत नक्सलवाद से लड़ने के लिए बनाए गए सुरक्षा कैंपों को अब विकास केंद्रों में बदला जाएगा। लगभग 200 सुरक्षा कैंपों में से 70 को “शहीद वीर सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जाएगा।

इन केंद्रों के माध्यम से आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है, जिसमें प्रत्येक परिवार को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने तथा दूध के विपणन के लिए सहकारी मॉडल विकसित करने की बात कही गई है।

अमित शाह ने कहा कि अब बस्तर में डर का नहीं, बल्कि विकास, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा।

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